गोंदिया में आंधी-बारिश का कहर, कई घरों की छतें उड़ीं, 9 लोग हुए घायल; 25 गांवों के लिए अलर्ट
Gondia Rain Damage: गोंदिया के अर्जुनी मोरगांव में आंधी-बारिश से घरों की छतें उड़ गईं, पेड़ गिरने से 9 लोग घायल हुए। दो बांधों के गेट खोले गए और 25 गांवों के लिए अलर्ट जारी किया गया।
- Written By: अंकिता पटेल
गोंदिया में आंधी-बारिश का कहर(सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Gondia Flood Relief Operations: गोंदिया जिले में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। अर्जुनी मोरगांव तहसील सबसे अधिक प्रभावित रही, जहां तेज हवाओं के कारण कई मकानों की छतें उड़ गईं और दो घरों पर पेड़ गिरने से 9 लोग घायल हो गए। लगातार बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जबकि कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है।
जानकारी के अनुसार, तेज हवा के साथ हुई बारिश के दौरान कई कच्चे और पक्के मकानों को नुकसान पहुंचा। दो मकानों पर बड़े पेड़ गिरने से वहां मौजूद लोग मलबे में दब गए। स्थानीय नागरिकों और प्रशासन की मदद से सभी घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। फिलहाल सभी घायलों की स्थिति पर डॉक्टरों की निगरानी रखी जा रही है।
बांधों के गेट खुले, 25 गांवों में हाई अलर्ट; CM ने दिए सतर्कता के निर्देश
बारिश के कारण चार प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने और जलभराव की स्थिति बनने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इसके चलते 8 से 10 गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया है। प्रशासन द्वारा सड़कों से पेड़ हटाने और यातायात बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
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लगातार हो रही बारिश को देखते हुए पुजारीटोला और कालीसरार बांधों के गेट खोल दिए गए हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने नदी किनारे बसे 25 गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में भारी बारिश की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की लगातार समीक्षा करने तथा राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
भारी बारिश के बीच NDRF-SDRF अलर्ट
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। जलभराव और बाढ़ संभावित इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
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प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी, नालों और पुलों को पार करने का जोखिम न उठाएं, मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष या स्थानीय प्रशासन को दें। लगातार बारिश को देखते हुए आने वाले दिनों में भी प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
