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गोंदिया. रबी मौसम में धान खरीदी के दौरान मिली अनियमितताओं की जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद जिला स्तरीय समिति ने 38 धान खरीद केंद्रों पर एक-एक लाख और 40 केंद्रों पर चार-चार हजार रु. का जुर्माना लगाया है. जिला मार्केटिंग फेडरेशन संघ द्वारा जुर्माने की वसूली का नोटिस जारी किए जाने के बाद धान खरीदी केंद्र संचालकों में हड़कंप मच गया है. नोटिस मिलने के बाद तीन दिन के अंदर जुर्माने की राशि का भुगतान करना होगा, ऐसा नहीं करने पर धान खरीदी केंद्र का लाइसेंस निलंबित कर इन केंद्रों को काली सूची में डाल दिया जाएगा.
जिला मार्केटिंग फेडरेशन की यंत्रणा पिछले तीन-चार दिनों से नोटिस तैयार कर धान खरीद केंद्रों पर बांटने में लगी है. इस वर्ष रबी मौसम के धान खरीदी के दौरान 7 जुलाई को एक घंटे में 7 लाख क्विंटल धान की खरीदी हुई थी. जिला मार्केटिंग फेडरेशन ने धान खरीदी केंद्रों पर एक दिन में चार हजार क्विंटल धान खरीदने का निर्णय लिया है. लेकिन किसानों के नाम से व्यापारियों से धान खरीदने के नाम पर कई धान खरीदी केंद्रों पर 25 हजार क्विंटल धान की खरीदी की. यह मुद्दा उठाए जाने के बाद स्थानीय प्रतिनिधि और किसान आक्रामक हो गए. इसके बाद जिलाधीश ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए.
उन्होंने कुछ धान खरीदी केंद्रों का भी दौरा किया और जानकारी ली. साथ ही चार विभागों की अलग-अलग जांच समितियों ने धान खरीदी केंद्रों का दौरा कर पूछताछ की. इससे साफ हो गया कि धान खरीदी में गड़बड़ी हुई है. इसलिए धान खरीदी में हो रही अनियमितता में 38 धान खरीद केंद्रों पर एक-एक लाख रु. का जुर्माना लगाया गया. 40 से अधिक धान खरीदी केंद्रों पर गड़बड़ी पाई गई.
इन केंद्रों पर प्रत्येक पर चार-चार हजार रु. का जुर्माना लगाया गया. कुछ केंद्रों को इस संबंध में नोटिस भी जारी किया गया था. नोटिस की अवधि समाप्त होते ही जुर्माना नहीं भरने वाले धान खरीद केंद्रों का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा. जिला मार्केटिंग फेडरेशन के अधिकारियों ने बताया कि इन केंद्रों को काली सूची में डाल दिया जाएगा.
इस वर्ष रबी मौसम में धान खरीदी को लेकर काफी असमंजस की स्थिति रही. उसमें किसानों के नाम पर व्यापारियों से धान खरीदा गया. जिससे अनेक किसान धान की बिक्री करने से वंचित रह गए. 36 हजार किसानों को निजी व्यापारियों को 1200 रु. प्रति क्विंटल पर धान बेचना पड़ा. जिससे गलती धान खरीदी केंद्र की और सजा किसानों को भुगतनी पड़ी है.
रबी मौसम के दौरान धान खरीदी में गड़बड़ी करने पर धान खरीद केंद्रों पर एक-एक लाख रु. का जुर्माना लगाया गया है. लेकिन इस राशि का भुगतान धान बिक्री केंद्र के संचालक के लिए आसानी से संभव है. इसलिए इस प्रकार के मामले रुकने की संभावना कम होती है. किसानों की मांग है कि सरकार न सिर्फ दंडात्मक कार्रवाई करे बल्कि आपराधिक मामले भी दर्ज करे.