

Gondia ST Bus: गोंदिया डिपो के एसटी बस में एक दिव्यांग यात्री के साथ वाहक ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। इस घटना से दिव्यांग यात्रियों ने नाराजगी व्यक्त की है। वहीं संबंधित वाहक पर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, गोंदिया डिपो की बस क्र। एमएच 14 एमएच 0733 सोमवार को गोंदिया बस स्थानक से लोणार के लिए रवाना हुई।
बस में टिकट जांच शुरू थी, तब एक दिव्यांग यात्री ने अपना दिव्यांग पहचान पत्र दिखाकर साकोली तक की टिकट मांगी। इस समय वाहक एस।बी। वारे ने कहा कि स्मार्ट कार्ड न होने पर यात्रा में छूट नहीं मिलेगी। यात्रा के लिए पूरी टिकट लेनी होगी, अन्यथा बस से नीचे उतरना होगा।
इस दौरान दिव्यांग यात्री ने उनका कार्ड वैध होकर नया दिव्यांग स्मार्ट कार्ड देने की प्रक्रिया फिलहाल बंद होने से उन्हें यात्रा में छूट देने की बात कही। लेकिन यात्री का कहना नहीं माना गया। तभी गोरेगांव के समीप एसटी बस की जांच टीम ने जांच की।
टीम के सदस्यों ने बताया कि वरिष्ठों के आदेशानुसार स्मार्ट कार्ड के बिना यात्रा में छूट नहीं दी जा सकती। देखते ही देखते बहस वादविवाद में बदल गई। एसटी बस वाहक द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार से दिव्यांग यात्री को मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। मांग की जा रही है कि उक्त मामले की जांच कर वाहक दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाए।
दिव्यांगों को एसटी बस में सुविधा के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से स्मार्ट कार्ड जारी किए जाते हैं। गोंदिया डिपो प्रमुख येति कटरे ने कहा कि जिनके आधार पर बस यात्रा में उन्हें टिकटों में सहायक के साथ रियायत दी जाती है। लेकिन यदि किसी के पास काफी पुराना प्रमाणपत्र है तो वह वर्तमान में स्वीकार्य नहीं है। यह नियम ही है। इसलिए यात्रा सुविधा का लाभ उठाने के लिए आवश्यक दस्तावेज साथ में होने जरूरी है।