Gondia News: केंद्र व राज्य सरकार की संयुक्त पहल से शुरू हुए एग्रीस्टैक पोर्टल पर वर्ष 2025 में किसानों की जानकारी अब तक अपडेट नहीं हुई है. प्रशासकीय देरी की वजह से इन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बन पा रही है, जिससे डर है कि हजारों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और बोनस जैसी जरूरी सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाएंगे.की
बिरसा ब्रिगेड ने राजस्व मंत्री को इस गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया है. देश के सभी किसानों की जानकारी एक ही जगह पर लाने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल बनाया गया है. अभी इस पोर्टल पर 2024 तक की जानकारी मौजूद है और उस समय के किसानों की फार्मर आईडी बन गई है. लेकिन, जो लोग 2025 में अपने 7/12 उतारा में बदलाव, वारिस पंजीकरण या नई जमीन खरीदकर नए किसान बने हैं, उनकी जानकारी अभी तक इस पोर्टल पर अपलोड नहीं हुई है.
नए किसानों का डेटा रजिस्टर करके पोर्टल पर अपलोड करने की जिम्मेदारी तहसील कार्यालय के पटवारी, मंडल अधिकारी और तहसीलदार की है. लेकिन, मार्च का महीना आधा बीत जाने के बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. इस तकनीकि दिक्कत की वजह से नए किसानों की फार्मर आईडी नहीं बन पा रही है. किसान दुविधा में हैं क्योंकि नियम है कि बिना फार्मर आईडी के किसान किसी भी योजना का फायदा नहीं उठा सकते.
बिरसा ब्रिगेड ने दी चेतावनी किसानों की यह समस्या बहुत गंभीर है, इसलिए प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत है. इस संबंध में बिरसा ब्रिगेड की प्रा. मधु दिहारी और सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश ताराम ने उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से राज्य के राज्सव मंत्री को ज्ञापन भेजा है. ज्ञापन में मांग की गई है कि जिलाधीश, तहसीलदार और राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों को 2025 में नए किसानों की जानकारी तुरंत पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश दिया जाए.
प्रशासन की देरी के कारण नए किसान सरकारी मदद से वंचित हो रहे हैं. अगर एग्रीस्टैक पोर्टल पर जानकारी तुरंत अपडेट नहीं की गई, तो नए किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होगा. सरकार को युद्ध स्तर पर इसका समाधान निकालना चाहिए. प्रा. मधु दिहारी, बिरसा ब्रिगेड छायाचित्र 23 एमआरजीओ 20 000