गोंदिया: मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा, डॉ. मंगेश गोंदावले ने कृति प्रारूप के सख्त पालन के दिए निर्देश
Gondia News: जिलाधीश डॉ. मंगेश गोंदावले ने मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक में सभी विभागों को आपदा राहत के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ की संभावना और सुरक्षा उपायों पर जोर दिया।
Gondia District Collector News: गोंदिया जिला मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा पर स्थित है। जिले में बड़े बांधों और नदियों के कारण मानसून के दौरान बाढ़ की संभावना बनी रहती है। स्थानीय स्तर पर मानसून पूर्व तैयारियों को क्रियान्वित करते हुए मानक संचालन योजना का कड़ाई से पालन करने के निर्देश जिलाधीश डॉ। मंगेश गोंदावले ने जिलाधीश कार्यालय के सभागृह में मानसून पूर्व समीक्षा बैठक में दिए। जिलाधीश गोंदावले ने कहा, आपदा का कभी अनुमान नहीं लगाया जा सकता। बिना तैयारी के आपदा का प्रबंधन करना कठिन है।
उन्होंने यंत्रणा को निर्देश दिया कि सभी विभाग आपदा राहत के लिए तैयार रहें, क्योंकि बरसात के दिनों में अचानक बाढ़ आना, बांधों का टूटना, सड़क का बह जाना, गांव का पानी में डूब जाना आपदा का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि जिले में पुरानी सड़कों, इमारतों, पुलों, सरकारी इमारतों, स्कूलों, कॉलेजों, बांधों और मामा तालाब आदि का संरचनात्मक ऑडिट करना और प्रमाण पत्र देना आवश्यक है कि वे उपयोग के लिए उपयुक्त हैं।
इसी प्रकार जिलाधीश ने कहा कि नदी क्षेत्र व जलग्रहण क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तत्काल की जाए। उन्होंने प्रत्येक गांव में प्रथम प्रतिसाद टीमें गठित करने के निर्देश दिए। अपने कार्यक्षेत्र में सुरक्षित आश्रय स्थलों, सामूदायिक इमारतों, विद्यालयों, मंगल कार्यालयों, लॉन, बड़े इमारतों आदि की पहचान करें और उन्हें अभी से आरक्षित करने की कार्रवाई करें।
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जिलाधीश ने कहा कि मानसून अवधि के दौरान आम जनता को विभिन्न जलाशयों, बांधों, स्थानों पर जाने पर रोक लगाने का आदेश जारी किया जाए। तहसील स्तर का नियंत्रण कक्ष चालू करेंबाढ़ के दौरान नौकाविहार पर प्रतिबंध लगाया जाए। तहसील स्तर का नियंत्रण कक्ष चालू किया जाए और सुरक्षित आश्रयों पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाए।
प्रभारी निवासी उपजिलाधीश मानसी पाटिल ने निर्देश दिया कि बाढ़ और आपदा के दौरान सभी व्यवस्थाएं समन्वय बनाकर काम करें और दी गई जिम्मेदारी का गंभीरता से पालन करें। जिन गांवों में संपर्क टूटा हुआ है वहां उपविभागीय अधिकारी व तहसीलदार दौरा करें और नागरिकों को जानकारी दें।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राजन चौबे ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से मानसून तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। जिले के 96 गांव बाढ़ग्रस्तजिले के 96 गांव बाढ़ग्रस्त हैं और इन गांवों में विशेष उपायों वाली योजना तैयार करने, इन गांवों के लिए वैकल्पिक मार्गों की सूची तैयार करने, मानसून के साथसाथ आपदा के दौरान भी यंत्रणा की कार्यप्रणाली को अद्यतन रखने, नपं व ग्रापं स्तर पर आपदा प्रबंधन समिति का गठन करने, अनुभवी तैराकों की सूची भी अद्यतन करने।
इस सूची में राजस्व व पुलिस विभाग के अनुभवी कर्मचारियों को शामिल करने। यंत्रणा की मानक संचालन प्रक्रिया को अद्यतन कर आपदा प्रबंधन कक्ष को भेजने के निर्देश जिलाधीश ने दिए।
