कहां सुधरे हालात, कवरेज पाने लोग चढ़ते है पेड़ों पर, सात दशक बाद भी सुविधा से वंचित दुर्गम क्षेत्र

स्थानीय नागरिक अब इन मूलभूत सुविधाओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
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अहेरी. गड़चिरोली जिले की अहेरी तहसील से करीब 60 किलोमीटर दूर बसे मरपल्ली और इसके आसपास के गांवों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का टोटा है। आजादी के 75 से अधिक वर्ष बीत जाने के बाद भी इस इलाके में न संचार सुविधा सुलभ है, न स्वास्थ्य सेवा और न ही पक्की सड़कों की सुविधा उपलब्ध है।

पेड़ों पर चढ़कर मोबाइल नेटवर्क की तलाश

मरपल्ली सहित कई गांवों में मोबाइल नेटवर्क की इतनी खराब स्थिति है कि लोगों को एक-दूसरे से बात करने के लिए पेड़ों पर चढ़कर मोबाइल पकड़ना पड़ता है। कई बार नेटवर्क सिग्नल पाने के लिए ग्रामीण घंटों तक ऊँचाई पर बैठे रहते हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहद मुश्किल

इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दूर-दराज स्थित हैं, जिससे ग्रामीणों को इलाज के लिए कई किलोमीटर तक पैदल यात्रा करनी पड़ती है। गंभीर बीमारियों की स्थिति में यह दूरी जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसके बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस दिशा में ठोस कदम उठाने से अब तक चूकते रहे हैं।

2जी नेटवर्क तक सीमित संचार सेवा

हालांकि जिले की अन्य तहसीलों में BSNL और निजी कंपनियों के टॉवर लग चुके हैं, जिससे वहां 3G और 4G सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन अहेरी तहसील के दुर्गम क्षेत्रों में अभी भी केवल 2G नेटवर्क ही मौजूद है। इसके चलते न केवल बातचीत में दिक्कत होती है, बल्कि डिजीटल सेवाओं का लाभ उठाना भी संभव नहीं हो पा रहा।

सड़कें या तो हैं ही नहीं, या पूरी तरह जर्जर

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत गांवों तक पक्की सड़कें लाने का दावा तो किया गया है, लेकिन हकीकत में मरपल्ली, करांचा, बसवापुर, करनेली, मुडेवाही, रेगुलवाही, तिम्मीर जैसे गांव आज भी कच्चे और जंगल के रास्तों से जुड़े हैं। कुछ गांवों तक सड़क पहुंची जरूर है, लेकिन वहां की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों को यात्रा के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

नागरिकों की मांगें तेज

स्थानीय नागरिक अब इन मूलभूत सुविधाओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। क्षेत्र में बेहतर मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य सेवाएं, और मजबूत सड़क व्यवस्था की मांग को लेकर अब जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

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