Gadchiroli News: अहेरी तहसील मुख्यालय से 70 किमी दूरी पर और देचलीपेठा मुख्य मार्ग से 3 किमी दूरी पर स्थित कम्मासुर गांव की हालत वर्तमान स्थिति में पूरी तरह विकट हो गई है. जिसके कारण ग्रामीणों को आजादी के 75 वर्ष बाद भी नरकीय यातनाएं भुगतनी पड़ रही है. विशेषत गांव में पक्की सड़क नहीं होकर नालियों का निर्माण भी नहीं किया गया है. गांव में बिजली तो पहुंची, लेकिन काफी दिनों तक बिजली आपूर्ति खंडित रहती है.
इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. विशेषत ग्रामीणों ने द्वारा अनेक बार सरकार, प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का ध्यानाकर्षण कराया गया. बावजूद इसके गांव की समस्या हल करने के लिए किसी भी संज्ञान नहीं लिया है. जिसके कारण ग्रामीण अब पूरी तरह आक्रमक हो गए है. ग्रामीणों ने कहा कि अब बुनियादी सुविधाओं के लिए किसी के सामने हाथ नहीं जोड़ेंगे बल्कि आंदोलन का रास्ता अपनाकर गांव का विकास करने का प्रयास करेंगे, ऐसी चेतावनी दी है.
कम्मासुर गांव समीपस्थ एक नाला बहता है. नाले पर पुलिया का निर्माण नहीं किए जाने के कारण प्रति वर्ष बारिश दिनों में इस गांव के लोगों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है. वहीं अन्य दिनों में नाले से जानलेवा सफर करना पड़ता है. विशेषत पिछले 30 वर्षों से नाले पर पुलिया का निर्माण करने की मांग निरंतर रूप से की जा रही है. लेकिन अब तक नाले पर पुलिया का कार्य शुरू नहीं किया है. जिससे ग्रामीणों में सरकार और प्रशासन के प्रति तीव्र नाराजगी व्यक्त की जा रही है.
पिछले अनेक वर्षों से कुम्मासुरवासी गांव का विकास करने की मांग निरंतर कर रहे है. वहीं नाले पर पुलिया की मांग भी कायम है. बावजूद इसके सरकार और प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की मांग की ओर नजरअंदाज किया जा रहा है. जिससे नागरिकों को नरकीय यातनाएं भुगतनी पड़ रही हैं. अब बर्दाश्त करना मुश्किल होकर आगामी 15 दिनों के भीतर गांव में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के साथ ही नाले पर पुलिया का निर्माण करें, अन्यथा 15 दिनों के बाद जिम्मलगट्टा क्रॉसिंग पर चक्काजाम आंदोलन किए जाने की चेतावनी ग्रामीणों ने दी है. 13 जीजीपी 16