Gadchiroli News: एक ओर सरकार स्वच्छ भारत अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं सिरोंचा बस स्टैंड पर स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बस स्टैंड परिसर में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है और दीवारें ‘पिंकदान’ में तब्दील हो गई हैं।
बस स्टैंड में प्रवेश करने वाले कई लोग खर्रा खाकर आते हैं और दीवारों, खंभों तथा कोनों में थूकते हैं। इसके कारण परिसर की दीवारें लाल रंग की पिचकारियों से सनी नजर आती हैं, जिससे यात्रियों को अस्वच्छ वातावरण का सामना करना पड़ रहा है।
सिरोंचा तहसील तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा से सटी होने के कारण यहां तीनों राज्यों के यात्रियों का आवागमन बना रहता है। ऐसे में बस स्टैंड की साफ-सफाई का अभाव यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है।
स्वच्छतागृह की स्थिति भी दयनीय है। दीवारों, कोनों और खंभों पर थूक के निशान साफ नजर आते हैं। कई लोग कचरा डस्टबिन में डालने के बजाय इधर-उधर फेंक रहे हैं, जिससे परिसर में गंदगी फैल रही है।
डस्टबिन होने के बावजूद नहीं हो रहा उपयोग
बस स्टैंड में कचरा डालने के लिए डस्टबिन उपलब्ध हैं, लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग उनका उपयोग नहीं कर रहे। खर्रा सेवन करने वाले लोग दीवारों का ही इस्तेमाल थूकने के लिए कर रहे हैं, जिससे गंदगी और बढ़ रही है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल सूचना फलक लगाने के बजाय थूकने और गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाए। साथ ही बस स्टैंड का रंगरोगन कर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि स्वच्छता बनी रह सके।
नागरिकों का कहना है कि बस स्टैंड सार्वजनिक स्थान है और इसकी स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी जागरूक होकर स्वच्छता में सहयोग देना चाहिए।