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गर्मी बढ़ते ही जलसंकट की चिंता, पानी बचाने के उपाय अपनाने की अपील

  • Author By Raghwendra Tiwari | published By महाराष्ट्र डेस्क |
Updated On: Apr 05, 2026 | 10:02 PM
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Gadchiroli News: सूरज आग उगल रहा है. ग्रीष्मऋतु का मौसम शुरू हो चुका है. ऐसे में पानी की किल्लत निर्माण होती है. इस दौर में पानी की कीमत सभी को समझ आती है. ग्रामीण अंचल में नागरिकों को पानी के लिए दरदर भटकना पडता है.

वहीं शहरों में भी जलसंकट की समस्या कायम रहती है. जिससे पानी को लेकर जागृत रहे, पानी की बचत करे व पानी का पुनरुपयोग करें, ऐसा आवाहन निसर्ग अभ्यासक फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष कैलास निखाडे ने किया. ग्रीष्मऋतु में पानी की बचत करने के लिए विभिन्न उपाययोजना की जा सकती है.

इस दौरान सब्जियां या फल धोया पानी न फेंकते हुए उसे बगिचे के पेडों में डालें, आर.ओ. RO वॉटर प्यूरिफायर के बार निकलनेवाला पानी बोटल में जमा कर उसका उपयोग विभिन्न कार्य के लिए करे, धूपकाले के दिनों में दोपहर के दौरान पेड, पौधों को पानी न दें, क्योंकि, वाष्पीकरण के कारण वह पानी शीघ्र उड़ जाता है.

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पेडों को पानी देने के लिए सुबह व शाम का समय चुने. जिससे नमी कायम रहेगी. वहीं अपने घर में कोई नल से बूंदबूंद पानी टपकता है, तो उससे दिनभर में अनेक लिटर पानी बर्बाद होता है. धूपकाला शुरू होते ही सभी नल तथा पाईप की जांच कर उसकी मरम्मत कराएं.

वहीं पानी के बचत के लिए शॉवर के निचे नहाने के बजाएं बाल्टी का उपयोग करे, मुह या हाथ धोते समय अकारण नल न शुरू रखे, वाहन धोने के लिए पाईप के बजाएं गिले कपडे व बाल्टी का उपयोग करे ऐसा आह्वान उन्होने किया.

प्रकृति के लिए अपना योगदान दें

ग्रीष्मऋतु के दिनों में केवल मानव को ही नहीं बल्कि पशु, पक्षियों को भी पानी की व्यापक आवश्यकता पडती है. जिससे मानवता का धर्म निभाते हुए पशुपक्षीयों के लिए अपने आंगन व गैलरी में पानी रखा.

उस पानी का नितदिन बदले, पानी यह प्रकृति की देन है, वह निर्माण करने की ताकद मानव में नहीं है. धूपकाले के कालावधि में पानी का उपयोग करे, लेकिन बर्बादी टाले. आज बचाए गए पानी की हर बूंद कल के भिषण अकाल से बचाएगी. पानी निर्माण करने की कोई भी प्रयोगशाला अब तक अस्तित्व में नहीं आयी है. प्रकृति ही पानी का एकमात्र स्रोत है. जिससे पानी को बचाना जरूरी है.

Save water awareness summer water crisis call

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Published On: Apr 05, 2026 | 05:47 PM

Topics:  

  • Gadchiroli News
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