Gadchiroli News: एक तरफ मुख्यमंत्री द्वारा जिले को स्टील हब और नंबर वन बनाने की घोषणा की जा रही है. वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में गर्भवती माताओं को मृत्यु के साथ लड़ने का गंभीर मामला कोरची तहसील में सामने आया है. तहसील के बोरी स्वास्थ्य उपकेंद्र अंतर्गत आने वाले हुडुकडुम्मा निवासी गर्भवती माता समेत उनके पेट में पल रहे बच्चे की उपचार के अभाव में मृत्यु होने की घटना सोमवार को उजागर हुई है.
घटना से जिले में फिर एक स्वास्थ्य सुविधा का प्रश्न निर्माण हो गया है. मृतक गर्भवती माता का नाम रमुला महेश काटेंगे 24 है.जानकारी के अनुसार, कोरची तहसील के बोरी स्वास्थ्य उपकेंद्र अंतर्गत आने वाले हुडूकदुम्मा निवासी रमुला काटेंगे नामक महिला 9 माह की गभर्वती होने के बाद उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई. जिससे उसे कोरची के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया है. लेकिन अस्पताल में दाखिल करते ही उसकी अचानक मृत्यु हो गई. विशेषत उसके पेट में पल रहे बच्चे की भी मृत्यु हो गई. प्रशासन सुविधाएं पहुंचाने की बात कहने पर भी दुर्गम परिसर के हालत अलग है.
दुर्गम तहसील के रूप में पहचाने जाने वाले कोरची तहसील अब स्वास्थ्य की दृष्टि से पिछड़ा होते दिखाई दे रहा है.
विशेषत 17 जून 2025 को भी तहसील के बोरी गांव निवासी शारदा संतोष गायते 30 नामक महिला छह माह की गर्भवती थी. 27 जून की रात अचानक उसके पेट दर्द शुरू हो गया. उसे बोरी के स्वास्थ्य उपकेंद्र में ले जाया गया. लेकिन वहां पर डॉक्टर उपस्थित नहीं होने के कारण परिजनों को ब्रम्हपुरी के निजी अस्पताल में ले गए. लेकिन गर्भवती और पेट में पल रहे शिशु की मृत्यु हो गई.
सम्बंधित महिला को हाई बीपी होने के कारण सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. वहीं गर्भ में पानी कम था. इटनकर, वैधकीय अधिकारी