खामियां नहीं सुधरीं तो सख्ती: गड़चिरोली के 15 स्कूल स्थायी रूप से अनुदान से बाहर
Gadchiroli Private Schools: गड़चिरोली में मानकों पर खरे न उतरने वाले निजी स्कूलों को अनुदान से स्थायी रूप से अपात्र घोषित किया गया है। अब उन्हें स्व-वित्त पोषित मान्यता का विकल्प दिया गया है।
- Written By: अंकिता पटेल
गड़चिरोली स्कूल अनुदान ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Maharashtra Education Policy: गड़चिरोली राज्य सरकार द्वारा अनेक बार मूल्यांकन करने के बाद भी खामियां दूर न करने वाले राज्य के निजी स्कूलों संदर्भ में कड़े कदम उठाए गए है। अनेक बार अवसर देकर भी अपात्र साबित हुए स्कूल और कक्षाओं को अब वेतन अनुदान के लिए स्थायी अपात्र घोषित किया गया है।
इस निर्णय का भारी नुकसान जिले के 15 माध्यमिक और 8 कक्षाओं व तीन प्राथमिक स्कूलों को हुआ है। कायम विना अनुदानित तत्व पर मान्यता वाले स्कूलों को कायम शब्द हटाने के बाद उन्हें चरण-चरण में अनुदान देने की नीति सरकार ने निश्चित की थी।
लेकिन अनेक बार मूल्य मापन करने के बाद भी निकष पूर्ण नहीं कर पाए है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी 15 नवंबर 2011 के सरकार निर्णय की शर्त पूर्ण करने वाले स्कूलों को अनुदान देने की बात को वैध साबित किया है।
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अब अपात्र स्कूलों को केवल अर्थसहायायित स्कूल के रूप में मान्यता लेने का विकल्प बचा है। इसके लिए 30 अप्रैल तक शिक्षा संचालक पुणे के पास आवेदन करना अनिवार्य है।
जमीन और दान निधि की जटिल शर्तों को राहत मिलने पर भी उन्हें अनुदान नहीं मिलेगा। वहीं जो स्कूल 30 अप्रैल तक स्वंय अर्थसाहायित मान्यता के लिए आवेदन नहीं करेंगे।
उनकी मान्यता अपने आप खारिज होगी। ऐसे में शैक्षणिक नुकसान टालने के लिए स्कूलों में 31 मई तक समायोजन करने का आदेश शिक्षाधिकारी को दिया है।
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सरकार ने लिया निर्णय
अनुदान के लिए संबंचित स्कूलों की अनेक बार अवसर दिया गया था। लेकिन वह अनुदान के लिए पात्र साबित नहीं हुई, अब वह स्वंय अर्थसहायित के रूप में मान्यता न लेने पर इन स्कूलों की मान्यता खारिज करने का निर्णय सरकार ने लिया है। जिस पर अमल किया जाएगा।
-गढ़चिरोली, शिक्षाधिकारी (माध्यमिक), वासुदेव भुसे
