गड़चिरोली में श्रमशक्ति और असंगठित क्षेत्र सर्वेक्षण की शुरुआत, जिले की आर्थिक-सामाजिक तस्वीर आएगी सामने

Gadchiroli Labor Force Survey: गड़चिरोली में श्रमशक्ति और असंगठित क्षेत्र के उद्योगों का व्यापक सर्वेक्षण शुरू हो गया है। प्रशासन ने नागरिकों से सही जानकारी देकर सहयोग करने की अपील की है।
Gadchiroli District Collector flagging off the labour force and unorganised sector survey campaign aimed at collecting socio-economic and employment data for development planning
गड़चिरोली जिला अधिकारी सर्वेक्षण को हरी झंडी दिखाते हुए (फोटो-नवभारत)
Published on
Updated on

Labor Force Survey In Gadchiroli: राज्य सरकार की ‘विकसित महाराष्ट्र’ संकल्पना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से गड़चिरोली जिले में पहली बार जिलास्तरीय श्रमशक्ति सर्वेक्षण और असंगठित क्षेत्र के उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण शुरू किया गया है। सोमवार को जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने सर्वेक्षण अभियान को हरी झंडी दिखाकर इसकी औपचारिक शुरुआत की।

नागरिकों से सही जानकारी देने की अपील

इस अवसर पर गड़चिरोली कलेक्टर अविश्यांत पंडा ने नागरिकों से सर्वेक्षण दलों को पूरा सहयोग देने और सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की वास्तविक तस्वीर सामने लाने के लिए लोगों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेंगे।

रोजगार और आर्थिक स्थिति पर जुटाई जाएगी विस्तृत जानकारी

प्रशासन के अनुसार, सर्वेक्षण के माध्यम से रोजगार, बेरोजगारी, श्रमशक्ति की भागीदारी, असंगठित क्षेत्र के उद्योगों की स्थिति, आय के स्रोतों और अन्य सामाजिक-आर्थिक पहलुओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इन आंकड़ों का उपयोग राज्य और जिला स्तर पर नीतियां बनाने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए किया जाएगा।

276 अन्वेषक करेंगे घर-घर जाकर सर्वेक्षण

राज्यव्यापी अभियान के तहत 6,828 नमूना इकाइयों को शामिल किया गया है। सर्वेक्षण कार्य के लिए 276 अन्वेषकों और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। यह कार्य अर्थ एवं सांख्यिकी आयुक्तालय के मार्गदर्शन में IPSOS Research द्वारा किया जा रहा है। गड़चिरोली जिला सांख्यिकी कार्यालय के उप आयुक्त ज्ञानेश्वर खड़तकर ने नागरिकों से बिना किसी संकोच के सही और तथ्यात्मक जानकारी साझा करने का आग्रह किया है।

यह भी पढे़ं :

विकास योजनाओं को मिलेगा मजबूत आधार

प्रशासन का मानना है कि इस सर्वेक्षण से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों, उद्यमिता की स्थिति, असंगठित उद्योगों की प्रगति और नागरिकों की आर्थिक परिस्थितियों का वैज्ञानिक अध्ययन संभव होगा। इससे ग्राम पंचायत से लेकर जिला और संभाग स्तर तक विकास योजनाओं को अधिक सटीक और जनहितकारी बनाने में मदद मिलेगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com