women village organization (सोर्सः सोशल मीडिया)
Kumbhkot Liquor Free Village: कोरची तहसील मुख्यालय से महज 5 किमी दूरी पर स्थित कुंभकोट गांव ने समाज के सामने एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। सातपुती ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले इस गांव ने एकजुटता के बल पर पिछले 6 वर्षों से अवैध शराब बिक्री पूरी तरह बंद कर रखी है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की स्मृति में गांव में ‘विजयस्तंभ’ निर्माण का प्रस्ताव ग्रामीणों ने पारित किया है।
करीब 300 की आबादी वाले कुंभकोट गांव में कुछ वर्ष पहले 7–8 स्थानों पर अवैध शराब बिक्री होती थी, जिससे युवाओं में नशे की लत बढ़ रही थी। इसके कारण महिलाओं को पारिवारिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में ‘मुक्तिपथ’ टीम ने गांव का दौरा कर ग्रामीणों को अवैध शराब बंद करने की आवश्यकता समझाई।
मुक्तिपथ के मार्गदर्शन में गांव की सक्रिय महिलाओं का ‘गांव संगठन’ गठित किया गया। महिलाओं ने लगातार बैठकें लेकर जनजागरण किया और अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ अहिंसक अभियान चलाया। महिलाओं के इस प्रयास को गांव के पुरुषों और युवकों का भी सहयोग मिला, जिसके परिणामस्वरूप पिछले 6 वर्षों से गांव पूर्णतः शराबमुक्त बना हुआ है।
शराबबंदी को स्थायी बनाए रखने के लिए मुक्तिपथ की ओर से महिलाओं का ‘शक्तिपथ’ संगठन भी सक्रिय है। वहीं नशे के आदी लोगों का उचित उपचार भी कराया जा रहा है। इस सफलता में गांव संगठन की रसिका कल्लो, शालू होली, सरदाराम नरोटी, पुलिस पटेल कल्लो सहित अनेक महिलाएं और ग्रामीण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस मुहिम को मुक्तिपथ के तहसील संगठक धर्मेंद्र बोपचे, प्रेरक अरुणा गोनाडे तथा भूषण डोकरमारे का निरंतर मार्गदर्शन मिल रहा है।
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कुंभकोट गांव ने केवल आंतरिक सुधार ही नहीं किया, बल्कि आसपास के लगभग 60 गांवों की सहभागिता वाली प्रसिद्ध ‘कुंभकोट मंडई’ को भी शराब और तंबाकूमुक्त आयोजित किया। इसके लिए मुक्तिपथ के मार्गदर्शन में मेला समिति ने पोस्टर, बैनर, ध्वनि प्रचार, यात्रा स्थल पर लगी दुकानों की जांच आदि विभिन्न अभियान चलाए।