अस्पताल की सर्विस वायर खराब, दुर्घटना की संभावना; कोरची ग्रामीण अस्पताल का मामला

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कोरची. पिछले वर्ष जनवरी माह में भंड़ारा ग्रामीण अस्पताल को आग लगने से इस दुर्घटना में करीब 10 मासूम बच्चों की जाने गयी थी. वहीं इस घटना से राज्य समेत जिले में खलबली मच गयी थी. इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने राज्य के सभी अस्पतालों का फायर ऑडीट करने का आदेश जारी किया.

लेकिन दुसरी ओर गड़चिरोली जिले के आखरी छोर पर बसी कोरची तहसील मुख्यालय स्थित ग्रामीण अस्पताल की सर्विस वायर की पुरी तरह खराब हो गयी है. जिसके कारण अस्पताल में बड़ी दुर्घटना होने की संभावना जताई जा रही है. लेकिन इस ओर अस्पताल प्रबंधन और निर्माण विभाग की अनदेखी होने के कारण तहसील के नागरिकों में तीव्र नाराजगी व्यक्त की जा रही है.

हाल ही में अस्पताल में हुआ था शॉर्टसर्किट

कोरची के ग्रामीण अस्पताल में विद्युतीकरण की ओर पिछले अनेक वर्षो से अनदेखी बरकरार है. इसी बीच कुछ दिन पहले अस्पताल के एक मरीज कक्ष में शॉटसर्किट से आग लग गयी. जिसके कारण ट्युबलाईट समेत समीपस्थ का पर्दा भी जलने लगा. यह मामला मरीजों के ध्यान में आते ही मरीजों ने तत्काल आग पर काबु पा लिया. जिसके कारण अस्पताल में बड़ी दुर्घटना टल गयी. जिससे अस्पताल में मजबूत विद्युतीकरण करने की मांग जोर पकड़ रही है.

महंगे उपकरण बने शो-पिस

कोरची ग्रामीण अस्पताल का लोकार्पण वर्ष 2013-14 में पूर्व गृहमंत्री तथा जिले के पूर्व पालकमंत्री स्व. आर. आर. पाटिल के हाथों किया गया था. शुरूआत में इस अस्पताल में बिजली पर चलनेवाले उपक्रम नाममात्र थे. लेकिन वर्तमान स्थिति में पीएसए प्लांट, लॉन्ड्री श्रेडर, ऑपरेशन रूम, लेबर रूम, कोल्ड रूम, क्ष-किरण यंत्र, सोनोग्राफी मशीन आदि महंगे उपकरण लाए जाए है. लेकिन इन उपकरणों को आवश्यकता नुसार बिजली आपुर्ति नहीं मिलने के कारण यह उपकरण शो-पिस बनकर रह गये है.

अनेक बार कराया विभाग का ध्यानाकर्षण: डा. धुर्वे

कोरची ग्रामीण अस्पताल में वैद्यकीय अधिक्षक डा. बागराज धुर्वे ने बताया कि, कोरची ग्रामीण अस्पताल में जोड़ी गई बिजली लाईन काफी पुरानी है. जिसके कारण अस्पताल में बिजली संबंधित समस्या बढ़ गयी है. इस संदर्भ में अनेक बार निर्माण विभाग का ध्यानाकर्षण कराया गया. वहीं तत्काल बिजली संबंधित समस्या हल करने की बात कही गई है. ऐसी बात उन्होंने कही.

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