Gadchiroli: गोंडवाना यूनिवर्सिटी अपडेट: कुलपति डॉ. प्रशांत बोकारे के नेतृत्व में ‘वैद्य चिकित्सालय’ शुरू
Gadchiroli Gondwana University: गोंडवाना विश्वविद्यालय ने गड़चिरोली में देश का पहला वैद्य चिकित्सालय शुरू। इसका उद्देश्य पारंपरिक आदिवासी चिकित्सा को वैज्ञानिक आधार देकर स्वास्थ्य सेवा का शुरू है।
- Written By: अंकिता पटेल
गड़चिरोली, वैद्य चिकित्सालय,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Gadchiroli Gondwana University Vaidya Clinic: नागपुर गड़चिरोली स्थित गोंडवाना विश्वविद्यालय ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के बीच एक सेतु बनाते हुए देश का पहला ‘वैद्य चिकित्सालय’ शुरू किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रेरणा और कुलपति डॉ. प्रशांत बोकारे के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल स्थानीय वैद्यों (पारंपरिक चिकित्सकों) को सम्मान दिलाने के साथ-साथ सुदूर आदिवासी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का एक सफल प्रयास है।
विश्वविद्यालय के ‘साइंस एंड टेक्नोलॉजी रिसोर्स सेंटर’ (एसटीआरसी) के अंतर्गत यह चिकित्सालय संचालित है जिसके प्रमुख स्वप्निल गिरडे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सदियों से चली आ रही आदिवासी चिकित्सा पद्धति को संस्थागत मान्यता और वैज्ञानिक आधार प्रदान करना है। वनस्पतिशास्त्रियों और प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञों की मदद से वैद्यों द्वारा उपयोग की जाने वाली जड़ी-बूटियों और उपचारों का वैज्ञानिक प्रमाणीकरण किया गया है।
आधुनिक चिकित्सा से समन्वय : जहां आवश्यक होता है वहां मरीजों को आधुनिक एलोपैथिक चिकित्सकों के पास जाने की सलाह दी जाती है।
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सस्ती स्वास्थ्य सेवा : इस चिकित्सालय के बाह्य रोगी विभाग में मात्र 20 से 50 रुपये में उपचार उपलब्ध है।
वैद्यों का सशक्तीकरण : पहले चरण में गांव-गांव में ‘वैद्य सम्मेलनों’ का आयोजन कर उन लोगों को खोजा गया जिनके पास यह पारंपरिक ज्ञान था। वर्तमान में 14 चिकित्सक विश्वविद्यालय के चिकित्सालय में सेवा दे रहे हैं, जबकि 50 से अधिक वैद्य अपने-अपने गांवों में सामाजिक सम्मान और आय के साथ काम कर रहे हैं।
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दस्तावेजीकरण : इस पहल से लुप्त हो रहे औषधीय ज्ञान का दस्तावेजीकरण संभव हुआ है जिससे यह अनमोल धरोहर अगली पीढ़ी के लिए सुरक्षित हो रही है।
