गड़चिरोली: भीषण गर्मी में पक्षी-पशु बेहाल, दाना-पानी उपक्रम भूले सामाजिक संगठन
गड़चिरोली में सामाजिक संगठनों की निष्क्रियता से पशुपक्षियों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
Gadchiroli Animal Welfare News: गड़चिरोली ग्रीष्मकाल की शुरुआत के साथ ही जिले में भीषण गर्मी का असर बढ़ने लगा है, लेकिन इस बार सामाजिक संगठनों की निष्क्रियता के कारण पशु-पक्षियों के लिए दानापानी की व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। हर वर्ष इस मौसम में विभिन्न संगठन पक्षियों के लिए पानी और दाना उपलब्ध कराने के उपक्रम चलाते थे, लेकिन इस वर्ष अब तक ऐसा कोई प्रयास दिखाई नहीं दे रहा है।
जिले के अधिकांश सामाजिक संगठन अन्य सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय नजर आते हैं, लेकिन पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता इस बार कम होती दिख रही है। स्कूलों, अस्पतालों और जरूरतमंदों के लिए सामग्री वितरण जैसे उपक्रमों में सक्रिय रहने वाले संगठन इस बार दानापानी अभियान से दूर हैं।
कम हो रहा नदी-नालों का जलस्तर
गर्मी बढ़ने के साथ जंगलों में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से घट रहा है। पानी की कमी के कारण जंगली पशु गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। वहीं भीषण गर्मी से इंसानों के साथ पशु-पक्षी भी बेहाल हैं और पानी की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Nagpur Weather: नागपुर में गर्मी का रेड अलर्ट, लू के थपेड़ों से झुलसेगा शहर, जानें आज के मौसम का हाल
Maharashtra Weather: कही रेड अलर्ट के साथ लू, तो कही मानसून पूर्व बारिश, जानें कैसा होगा आज आपके शहर का हाल?
सावंगी बाईपास हत्याकांड: 550 किमी का पीछा, चाय की टपरी से पकड़ाया आरोपी दंपती, मासूम की हत्या का खुलासा
16 सीटों के लिए महायुती की बिसात, विधानपरिषद चुनाव में भाजपा का पलड़ा भारी, जानें किस दल को मिली कितनी सीटें?
पिछले वर्ष चलाया गया था अभियान
गत वर्ष जिले के सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों ने विभिन्न स्थानों पर दानापानी अभियान चलाकर पक्षियों और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था की थी। लेकिन इस वर्ष इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं हुई है।
गौरतलब है कि जंगलों से घिरे गड़चिरोली जिले में पशु-पक्षियों की संख्या अधिक है। ऐसे में गर्मी के दिनों में उनके लिए पानी और भोजन की व्यवस्था करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि उनका संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
