गड़चिरोली, ब्यूरो. ओबीसी समेत सभी जातियों की जातिवार जनगणना करने की मांग को लेकर भारत मुक्ति मोर्चा व राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा की ओर से बामसेफ के जिलाध्यक्ष भोजराज कान्हेकर के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर दस्तक दी गई. इस दौरान जिलाधिकारी के मार्फत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को ज्ञापन भेजा गया. ओबीसी समेत सभी जाति की जातिवार जनगणना करें, एससी, एसटी, ओबीसी के समर्थन के यूजीसी बिल लागू करें, 2011 के पूर्व नियुक्त हुए शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करें आदि मांग को लेकर भारत मुक्ति मोर्चा की ओर से आंदेालन किया जा रहा है.
इसके मद्देनजर आज जिलाधिकारी कार्यालय पर दस्तक देकर जिलाधिकारी के मार्फत राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया. यह चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है. इसके तहत पहले चरण में 6 मार्च को ज्ञापन सौंपा गया. वहीं आगामी दूसरे चरण में 13 मार्च को जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना आंदोलन, तीसरे चरण में 23 मार्च को रैली प्रदर्शन व चौथे चरण में 23 अप्रैल को भारत बंद किया जाने वाला है. वर्ष 2027 से जनगणना करने का सरकार ने निर्णय लिया है. लेकिन इसमें ओबीसी का कोई उल्लेख नहीं है.
ओबीसी की जातिवार जनगणना न होने पर ओबीसी की संख्या कितने यह न ज्ञात होने पर विकास योजना चलाने में मुश्किल होगी. जिससे सरकार के खिलाफ ओबीसी का व्यापक रोष निर्माण होने से 23 अप्रैल को भारत बंद करने का निर्णय लिया गया है. ज्ञापन सौंपते समय बामसेफ के जिलाध्यक्ष भोजराज कान्हेकर, भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रमोद राऊत, बहुजन मुक्ति पार्टी के नरेंद्र शेंडे, तुलसीराम सहारे, खेमचंद इंदूरकर, दशरथ साखरे, लवकुश भैसारे, विवेक धकाते, निशा बोदेले, प्रेमलता कान्हेकर, माया मेश्राम, हेमंत बारसागडे आदि उपस्थित थे .