जिला प्रशासन द्वारा नियुक्ति पत्रों का वितरण (सौजन्य-नवभारत)
Youth Empowerment Gadchiroli: गड़चिरोली जिले में नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से गड़चिरोली जिला प्रशासन ने नववर्ष की शुरुआत में एक महत्वपूर्ण निर्णय को अमल में लाया है। जिला कलेक्टर अविश्यांत पंडा की पहल से नक्सल पीड़ित परिवारों के 29 युवाओं को शासकीय सेवा में शामिल करते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय अंतर्गत चपरासी पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
इस निर्णय से अनेक परिवारों के जीवन में स्थायित्व और आशा की नई किरण जगी है। नक्सल प्रभावित जिले में नक्सली हिंसा के दौरान गोपनीय सूचनाकर्ताओं की हत्या से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए शासन निर्णय के अनुसार ऐसे परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा में समायोजित करने का प्रावधान है।
हालांकि, वास्तविक क्रियान्वयन के दौरान रिक्त पदों का अभाव एक बड़ी बाधा बन रहा था। इस समस्या को दूर करने के लिए जिलाधीश अविश्यांत पंडा ने वरिष्ठ स्तर पर निरंतर प्रयास करते हुए जिलाधीश कार्यालय अंतर्गत पूर्व में निरस्त की गई चपरासी संवर्ग की 29 पदों को पुनर्जीवित कराया।
इन प्रशासनिक प्रयासों के फलस्वरूप 01 जनवरी को नक्सल पीड़ित परिवारों के 29 उम्मीदवारों को जिलाधीश कार्यालय अंतर्गत चपरासी पद पर नियुक्ति आदेश प्रदान किए गए। जिलाधीश अविश्यांत पंडा के हाथों इन नियुक्ति पत्रों का वितरण किया गया।
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जिलाधिश पंडा ने कहा कि सरकारी सेवा में प्राप्त अवसर केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का भी अवसर है। सेवा के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन, जनता के प्रति संवेदनशीलता, ईमानदारी और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
साथ ही, सेवा में कार्यभार ग्रहण करते समय आवश्यक प्रशिक्षण प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा, ऐसा आश्वासन देते हुए उन्होंने सभी 29 नवनियुक्त कर्मचारियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस कार्यक्रम में अपर जिलाधीश नितिन गावंडे, निवासी उपजिलाधिकारी अस्मिता मोरे, स्थापना शाखा के तहसीलदार सचिन जयसवाल तथा नवनियुक्त कर्मचारी उपस्थित थे।