Gadchiroli Muktipath Campaign News: मुक्तिपथ अभियान के तहत जिले के विभिन्न गांवों में एकदिवसीय नशा उपचार शिविरों का आयोजन कर 75 से अधिक मरीजों को उपचार और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया। शिविरों में विशेषज्ञों द्वारा समुपदेशन, दवा उपचार तथा नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित किया गया।
आरमोरी तहसील के पलसगांव में आयोजित शिविर में 17 मरीजों ने उपचार लिया। शिविर का आयोजन मनीषा प्रधान ने किया, जबकि प्रियंका सालवे ने समुपदेशन और शुभम कल्लोडे ने पंजीयन की जिम्मेदारी निभाई।
अहेरी तहसील के मुत्तापुर गांव में 25 मरीजों ने पंजीयन कराया, जिनमें से 22 ने पूर्ण उपचार लिया। समुपदेशक पूजा येलुरकर ने केस हिस्ट्री और समूह सत्र संचालित किया, जबकि नंदिनी आशा ने नियोजन संभाला। गांव प्रमुख राव मडावी और स्पार्क टीम ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग दिया।
गड़चिरोली तहसील के कनेरी में आयोजित शिविर में 17 मरीजों ने पंजीयन कर उपचार प्राप्त किया। दीक्षा तेलकापल्लीवर ने केस हिस्ट्री ली और दशरथ रमखाम ने दवा उपचार व समुपदेशन सत्र का संचालन किया। तहसील प्रेरक मेघा गोवर्धन ने आयोजन की जिम्मेदारी संभाली।
चामोर्शी तहसील के अनंतपुर में आयोजित शिविर में 18 मरीजों ने भाग लेकर नशामुक्ति का संकल्प लिया। वहीं देसाईगंज तहसील के पिंपलगांव हलबी में आयोजित एकदिवसीय क्लिनिक में 9 मरीजों ने लाभ उठाया। यहां हेमंत मेश्राम ने नियोजन व पंजीयन, जबकि प्रियंका सालवे ने समुपदेशन किया।
मुक्तिपथ टीम ने सभी मरीजों को दवा के साथ मानसिक सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए परिवारजनों से भी सक्रिय सहभाग की अपील की। गांव संगठनों के सहयोग से दुर्गम क्षेत्रों में मरीजों को उनके गांव में ही उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।