गड़चिरोली: मकर संक्रांति पर नेहरू वार्ड में महिलाओं ने हल्दी-कुमकुम से दिखाई एकजुटता

Community Festival Gadchiroli: गड़चिरोली में मकर संक्रांति पर्व की धूम के बीच नेहरू वार्ड की महिलाओं ने सामूहिक हल्दी-कुमकुम व बच्चों की लूट कार्यक्रम आयोजित कर सामाजिक एकता और परंपराओं को सजीव किया।
Gadchiroli: On Makar Sankranti, women in Nehru Ward showed their unity through the Haldi-Kumkum ceremony
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया AI )
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Makar Sankranti Haldi Kumkum Program: गड़चिरोली मकर संक्रांति पर्व महिलाओं के लिए विशेष पर्व माना जाता है। इस पर्व के महिलाओं द्वारा वाण देने की परपंरा, छोटे बच्चों को लूट करने की परंपरा चलाई जाती है। वहीं हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। जिससे जिलेभर में 14 जनवरी से पर्व की धूम शुरू है।

इस दौरान गड़चिरोली शहर के नेहरू वार्ड में महिला मंडल द्वारा हल्दी कुमकुम कार्यक्रम, बच्चों की लूट कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। गड़चिरोली शहर समेत जिलेभर में मकर संक्रांति के चलते हल्दी-कुमकुम कार्यक्रमों का दौर शुरू है। इस दौरान महिलाएं एक-दूसरे के घर जाकर वाण देती है। वहीं कुछ जगह सामूहिक हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे है।

इस दौरान मकर संक्रांति के दूसरे दिन 15 जनवरी को गड़चिरोली शहर के नेहरू वार्ड में परिसर की महिलाएं एकजुट होकर सामूहिक हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम आयोजित कर एकता का परिचय कराया। इस दौरान परिसर में कुछ बच्चों के लूट कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया था।

इस दौरान परिसर की महिलाएं एकत्रित हुई थी। उत्साहपूर्वक हल्दी कुमकुम कार्यक्रम संपन्न कराया गया। वहीं दिनभर सामाजिक, वैचारिक आदान-प्रदान हुआ। वहीं शाम के दौरान सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया था। इस दौरान परिसर के महिलाओं के साथ ही पुरुषों ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।

तलोधी मो। की महिलाओं में उत्साह

चामोर्शी (त.सं.)। मैजिक बस फाउंडेशन व तेली समाज महिला मंडल तलोधी मो। के संयुक्त तत्वावधान में 16 जनवरी को संत जगनाडे महाराज सभागृह तलोधी मो में हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम उत्साह से मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान तलोधी मो। परिसर के महिलाओं ने बड़ी संख्या में सहभाग लेकर पारंपरिक पर्व का महत्व बताया।

कार्यक्रम का बताया महत्व

महिलाओं के लिए सामाजिक एकता, सांस्कृतिक तथा अपनेपन की भावना बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

इस दौरान हल्दी-कुमकुम केवल धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सामाजिक पर्व है। यह महिलाओं के लिए आनंद स्नेह, भेटीगांठ तथा मनमुराद बाते, चर्चा का समारोह है।

सुहागन महिलाओं को एकत्रित बुलाकर उन्हें हल्दी-कुमकुम लगाकर सौभाग्य वाण के तौर पर वस्तु देने की पद्धति है, ऐसा कार्यक्रम का महत्व बताया गया।

इस समय तेली समाज के महिलाओं ने बड़ी संख्या में सहभाग लिया। कार्यक्रम का संचालन वैशाली सुरजागडे ने किया। आभार माधुरी सुरजागडे ने माना।

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