Gadchiroli Illegal Mining News: गड़चिरोली सरकार की नई नीति 2025 को ताक पर रखते हुए गरीबों के घरकुल का सपना चकनाचूर करने वाला मामला जिले की कुरखेड़ा तहसील में उजागर हुआ है। आरोप है कि घरकुल लाभार्थियों के लिए आरक्षित रेत, राजस्व विभाग की मिलीभगत से एक निजी ठेकेदार तक पहुंचाई गई।
सूचना के अधिकार के तहत सामने आए इस मामले में एक ग्रामसेवक की महाखनिज आईडी फर्जी तरीके से तैयार कर करीब 400 ब्रास रेत उठाए जाने का खुलासा हुआ है।
बताया जा रहा है कि कुरखेड़ा तहसील के गुरनोली स्थित सती नदी तट से यह रेत अवैध रूप से निकाली गई। प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करते हुए “द यूनिक एंटरप्राइजेस, दिल्ली” नामक कंपनी को एकलव्य स्कूल के निर्माण कार्य के लिए यह रेत पहुंचाई गई।
दस्तावेजों में करीब 3 लाख रुपये राजस्व जमा दिखाया गया है, लेकिन संबंधित ग्राम पंचायत को इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं होने की बात सामने आई है। वहीं, इस प्रकरण में तहसीलदार की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। बिना जिलाधिकारी की पूर्व अनुमति के लाइसेंस जारी किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
इस संबंध में आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष नासीर हाशमी ने जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा से शिकायत की है।
शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की ओर जिलाधिकारी का ध्यान आकर्षित कराया गया है। सभी पहलुओं की जांच कर कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। आगे आरक्षित रेतघाट से जिलाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी सरकारी कार्य के लिए रेत की मंजूरी नहीं दी जाएगी। इस संबंध में महाखनिज प्रणाली में प्रावधान लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। ( इमरान शेख, जिला खनिकर्म अधिकारी, गड़चिरोली)