मशीन है लेकिन डॉक्टर नहीं! कोरची अस्पताल में बंद पड़ी सोनोग्राफी सेवा, दर-दर भटकने को महिलाएं मजबूर

Sonography Machine Without Doctor: कोरची (गड़चिरोली) ग्रामीण अस्पताल का बुरा हाल। मशीन है पर डॉक्टर गायब। गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी के लिए भटकना पड़ रहा है। जानें क्या है पूरा मामला।
Healthcare crisis in Korchi, Gadchiroli: Sonography machine is available but no specialist doctor. Pregnant women forced to travel to other talukas.
सोनोग्राफी मशीन है लेकिन डॉक्टर नहीं (सौजन्य-नवभारत)
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Korchi Rural Hospital: गड़चिरोली जिले की आखिरी छोर पर बसी तथा आदिवासी बहुल और पिछड़ी तहसील के रूप में कोरची तहसील की पहचान है। इस तहसील के नागरिकों को दर्जेदार स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसलिए तहसील मुख्यालय में ग्रामीण अस्पताल का निर्माण किया गया है। लेकिन यह अस्पताल किसी न किसी कारण से हमेशा चर्चा का विषय बना रहता है।

वर्तमान स्थिति में इस ग्रामीण अस्पताल में मरीजों की सेवा के लिए सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध होते हुए भी विशेषज्ञ डॉक्टर ही नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहने के कारण यह सेवा प्रभावी रूप से शुरू नहीं रह पायी। जिसका खामियाजा तहसील के अनेक मरीजों को दूसरी तहसीलों में जाकर सोनोग्राफी करने की नौबत आ पड़ी है।

जिले के अनेक अस्पतालों में केवल एक ही डॉक्टर कार्यरत होने के कारण डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते है। ऐसे में मरीजों को भी समय पर स्वास्थ्य सेवा का लाभ नहीं मिल पाता है। कोरची तहसील के मरीजों को सोनोग्राफी की सुविधा सरकारी अस्पताल में ही मिले, इसलिए कोरची के ग्रामीण अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध कराई गयी। लेकिन उक्त सोनोग्राफी सेवा अनेक बार बंद रहने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

विशेषत: गभर्वती माता और विभिन्न बीमारियों की जांच करने के लिए सोनोग्राफी आवश्यक है। लेकिन इस अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर ही नहीं होने के कारण यह सेवा विफल साबित हो रही है। जिससे स्वास्थ्य विभाग इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर तत्काल कोरची के ग्रामीण अस्पताल में स्वतंत्र विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्त करने की मांग तहसील के नागरिकों द्वारा की जा रही है।

मरीजों को दूसरे तहसीलों में जाने की नौबत

  • कोरची ग्रामीण अस्पताल में डॉक्टर नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने के कारण अस्पताल में सोनोग्राफी करने आने वाली गर्भवती माता समेत अन्य मरीजों को भारी त्रासदी का सामना करना पड़ रहा है।
  • विशेषत: दूसरी तहसीलों में जाकर सोनोग्राफी करने की नौबत आ पड़ी है। जिससे मरीजों को शारीरिक, मानसिक और वित्तीय रूप से त्रस्त होना पड़ रहा है।
  • ऐसे में तहसील की सड़कों की हालत काफी विकट होने के कारण उपचार के लिए बाहर जाते समय मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इलाज कौन करें

जिले के अनेक तहसीलों की जिम्मेदारी एक विशेषज्ञ डॉक्टर के पास होने के कारण वह प्रत्येक जगह समय पर उपलब्ध नहीं रह सकते है। जिससे कोरची ग्रामीण अस्पताल की सोनोग्राफी सेवा अनेक बार बंद रहती है। जिससे मरीजों को असुविधा हो रही है।

  • डॉ. आशीष विटणकर, वैद्यकीय अधिकारी, ग्रामीण अस्पताल, कोरची

स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी

जिले के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र के लोगों को दर्जेदार स्वास्थ्य सेवा मिले, इसलिए सरकारी अस्पतालों में सेवा-सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं इस कार्य के लिये करोड़ों रुपयों की राशि भी खर्च की जा रही है। लेकिन दूसरी ओर अस्पतालों में डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के पद रिक्त होने के कारण साधन-सामग्री होते हुए भी मरीजों को स्वास्थ्य सेवा के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है।

कोरची के अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन होने के बाद भी डाक्टर उपलब्ध नहीं रहने के कारण सेवा का लाभ नहीं मिल रहा है। लेकिन इस मामले की ओर स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी होने से तहसील के नागरिकों में तीव्र नाराजगी व्यक्त की जा रही है।

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