Gadchiroli Water Crisis Solution: गोसेखुर्द बांध से 40 क्यूसेक पानी छोड़ा, 5 जून से नियमित जलापूर्ति की उम्मीद
Gosikhurd Dam Water Release: आरमोरी और देसाईगंज में गहराए जल संकट को दूर करने के लिए गोसेखुर्द बांध से ४० क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। आगामी ५ जून से नियमित जलापूर्ति शुरू होने की उम्मीद है।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Major Relief in Gadchiroli Water Crisis: वैनगंगा नदी के जल स्तर पर निर्भर रहने वाले गड़चिरोली, आरमोरी और देसाईगंज नगर परिषद क्षेत्रों के नागरिकों के लिए एक राहत भरी खबर है। इन इलाकों में उत्पन्न भीषण जल संकट से तत्काल निजात दिलाने के लिए गोसेखुर्द बांध से ४० क्यूसेक पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया बुधवार से आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। गड़चिरोली नगर परिषद की अध्यक्ष एड. प्रणोती निंबोरकर और जलापूर्ति सभापति लीलाधर भरडकर के विशेष प्रयासों तथा जिला प्रशासन के त्वरित अनुरोध पर यह जीवनदायी निर्णय लिया गया है। बांध से छोड़ा गया यह पानी अगले दो दिनों के भीतर गड़चिरोली पहुंच जाएगा, जिसके बाद ५ जून से शहर में नियमित जलापूर्ति बहाल होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
३ जून की सुबह से शुरू हुई पानी छोड़ने की प्रक्रिया
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ३ जून को सुबह ७ बजे गोसेखुर्द परियोजना के हाइड्रोलिक गेट्स खोलकर वैनगंगा नदी में पानी का विसर्ग शुरू किया गया। गड़चिरोली शहर में पिछले कुछ दिनों से जल संकट बेहद गंभीर हो गया था, जिसके चलते नगराध्यक्ष और जलापूर्ति सभापति ने इस संवेदनशील मुद्दे को जिला प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाया था। गड़चिरोली के साथ-साथ पड़ोसी शहर आरमोरी और देसाईगंज में भी जलापूर्ति पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सहपालकमंत्री एड. आशीष जयस्वाल, जिलाधिकारी तथा जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक उच्च स्तरीय चर्चा हुई, जिसके बाद २९ मई को पानी छोड़ने का एक औपचारिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था।
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विदर्भ सिंचाई विकास महामंडल नागपुर से मिली अंतिम मंजूरी
इस प्रस्ताव के बाद गड़चिरोली जिले के जिलाधिकारी ने भंडारा के जिलाधिकारी एवं गोसेखुर्द परियोजना के अधीक्षक अभियंता को वैनगंगा नदी के प्राकृतिक पात्र में तुरंत पानी छोड़ने का लिखित अनुरोध किया। परियोजना के कार्यकारी अभियंता ने भी संबंधित तकनीकी प्रस्ताव भंडारा जिला प्रशासन को फॉरवर्ड किया था। इसके बाद १ जून को भंडारा के पालकमंत्री पंकज भोयर और जिलाधिकारी की उपस्थिति में आयोजित एक विशेष समीक्षा बैठक में वैनगंगा नदी में पानी छोड़ने के प्रस्ताव को प्रशासनिक मंजूरी दी गई।
इसके तुरंत बाद इस फाइल को अंतिम तकनीकी स्वीकृति के लिए विदर्भ सिंचाई विकास महामंडल, नागपुर के अधीक्षक अभियंता के पास भेजा गया, जिसे २ जून को अंतिम रूप से हरी झंडी मिल गई। आदेश के मुताबिक ३ जून की सुबह से ही २५ मिलियन घनमीटर पानी छोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है।
नदी पात्र में युद्धस्तर पर बनाया जा रहा है अस्थाई बांध
गोसेखुर्द परियोजना से छोड़ा गया पानी जब वैनगंगा नदी में पहुंचेगा, तो उसे बहने से रोकने और शहरों की जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए गड़चिरोली नगर परिषद द्वारा नदी पात्र में मिट्टी और रेत डालकर एक कच्चा बांध का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है। यह निर्माण कार्य ३ जून की देर रात तक पूर्ण होने की संभावना है, जिसके तुरंत बाद फिल्टर प्लांट के माध्यम से पूरे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से सामान्य करने की ठोस योजना बनाई गई है।
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३० जून तक चरणों में छूटेगा पानी
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में ४० क्यूसेक पानी का विसर्ग शुरू किया गया है, लेकिन शहरों की आवश्यकता और पानी की खपत को देखते हुए इस मात्रा में आने वाले दिनों में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी की जा सकती है। गोसेखुर्द परियोजना से आगामी ३० जून तक विभिन्न चरणों में इसी तरह पानी छोड़ा जाएगा ताकि मॉनसून के सक्रिय होने तक नागरिकों को पानी की किल्लत न हो।
इस बीच, जल स्तर में होने वाली अचानक वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने वैनगंगा नदी के तटीय क्षेत्रों और घाटों पर आने-जाने वाले स्थानीय लोगों व पशुपालकों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की पुरजोर अपील की है। साथ ही, संबंधित सभी सुरक्षा विभागों को मुस्तैद रहने और नागरिकों को समय पर सूचित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
