Gadchiroli Fertilizer Smuggling News: गड़चिरोली कृषि प्रधान जिले में खाद की किल्लत के बीच अब तस्करी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। जिले में आने वाले खाद को बाहरी राज्यों में भेजे जाने की आशंका के चलते सीमा क्षेत्रों में सघन निगरानी शुरू कर दी गई है।
जिला कृषि विभाग के अनुसार, खाद की अवैध ढुलाई या तस्करी में शामिल पाए जाने वाले कृषि सेवा केंद्रों के खिलाफ सीधे फौजदारी मामले दर्ज किए जाएंगे। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि जिले के किसानों के लिए आवंटित खाद किसी भी स्थिति में बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
तेलंगाना और छत्तीसगढ़ से सटे होने के कारण गड़चिरोली में तस्करी की संभावना अधिक मानी जा रही है। इसे देखते हुए धानोरा, सिरोंचा, अहेरी, भामरागड़ और देसाईगंज तहसीलों में विशेष नाकाबंदी लागू की गई है। सीमा चेकपोस्ट पर वाहनों की कड़ी जांच की जा रही है।
जिले के सभी कृषि सेवा केंद्रों पर पॉस मशीन के माध्यम से किए गए लेनदेन की जांच शुरू की गई है। इसमें यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि खाद वास्तविक किसानों को ही दिया गया है और संबंधित लाभार्थी की जमीन जिले में ही है। इससे फर्जी लेनदेन और अनियमितता पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या तस्करी में शामिल पाए जाने पर केवल लाइसेंस रद्द नहीं किया जाएगा, बल्कि अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि खाद खरीदते समय किसी प्रकार की अनियमितता होने पर तुरंत शिकायत करें। विक्रेता द्वारा अन्य उत्पाद लेने के लिए बाध्य करने या अधिक कीमत वसूलने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को सूचित करें तथा हर खरीद पर पॉस मशीन की रसीद अवश्य लें।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले में उपलब्ध खाद का लाभ स्थानीय किसानों को ही मिले और किसी भी प्रकार की नफाखोरी या अवैध गतिविधि पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।