

Naxal Song Played At Wedding: महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गड़चिरोली जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक विवाह समारोह के दौरान प्रतिबंधित नक्सली संगठन के कमांडर का महिमामंडन करने वाला गाना बजाया गया। एटापल्ली पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पांच स्थानीय लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच खलबली मचा दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, एटापल्ली तहसील के कृष्णार गांव में माधव वड्डे के घर के प्रांगण में संदीप बाजीराव हिचामी के विवाह का आयोजन था। आदिवासी परंपरा के अनुसार विवाह के उपलक्ष्य में नृत्य कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान डीजे पर सीपीआई (माओवादी) संगठन की पीपुल्स गुरिल्ला लिबरेशन आर्मी (PLGA) के बटालियन नंबर 1 के कमांडर हिडमा मडावी पर आधारित एक गीत बजाया गया। वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि हमारे हक की जंग है हिडमा गाने की धुन पर कई युवक-युवतियां थिरक रहे थे। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, एटापल्ली पुलिस के संज्ञान में आया, जिसके बाद तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि कार्यक्रम के दौरान बाबूराव कांदो नामक व्यक्ति ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी की थी। उसने कथित तौर पर कहा, पुलिस आदिवासी गांव में किसकी अनुमति से आई? नक्सली अच्छे थे। इसके बाद उसने डीजे संचालक से हिडमा से संबंधित गाना बजाने की जिद की। इस मामले में पुलिस ने डीजे मालिक सहित पांच लोगों को नामजद किया है जिनमें शंकर हिचामी (कृष्णार निवासी), बाबूराव कांदो, चैतू रुषी तेलामी, आर्यन हिचामी व शरद कांदो शामिल है।
गड़चिरोली जिला लंबे समय से नक्सली हिंसा से जूझ रहा है। हिडमा मडावी को सुरक्षा बलों पर हुए कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है। ऐसे में एक सार्वजनिक समारोह में उसकी विचारधारा का समर्थन करने वाले गीतों का बजना और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करना, क्षेत्र में फिर से माओवादी पैठ बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
एटापल्ली पुलिस थाने के पुलिस कर्मी कान्हूजी पुराम की शिकायत पर धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना), 505 (सार्वजनिक शरारत) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।