Gadchiroli में आंधी-तूफान का कहर, आम फसलों को भारी नुकसान, कई जगह पेड़ हुए धराशायी

Gadchiroli Hailstorm: गड़चिरोली जिले में पिछले तीन दिनों से जारी तूफानी हवाओं और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। विशेष रूप से आम की फसल को बड़ा फटका लगा है, जिससे किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Gadchiroli Heavy HailStorm: मौसम विभाग ने 4 मई से गड़चिरोली जिले में तूफानी हवाएं व बारिश का अनुमान जताया था, जिसके मद्देनजर बीते 3 दिनों से जिले तें आंधी-तूफानी हवाओं का कहर जारी है। इस दौरान 5 मई को जिले के कुछ हिस्सों में बारिश भी हुई। तूफानी हवाओं के चलते अनेक जगह पेड़ धराशायी हुए। वहीं तूफानी हवाओं का फटका आम फसलों को सर्वाधिक लगा है। हवाओं से आम नीचे गिरने से किसानों का व्यापक नुकसान हुआ है।

जिले में बीते माह से बेमौसम बारिश का दौर जारी है। जो मई माह में भी शुरू है। बीते दिनों जिले में तपीश काफी बढ़ गई थी। तापमान का पारा 44 अंश से पार हो गया था। जिससे नागरिक हलकान नज़र आ रहे थे। हालांकि गड़चिरोली जिले में 5 मई से मौसम में अचानक बदलाव नजर आ रहा है। दिनभर कड़ी धूप कायम रहती है, वहीं शाम के दौरान अचानक मौसम परिवर्तित होता है। आसमान में बादल छा जाते हैं, अचानक तेज हवाएं चलना व हल्की बारिश का दौर शुरू हो जाता है। बीते 3 दिनों से जिले में यहीं दौर शुरू है। ऐसे में तेज हवाओं ने जिले में नागरिकों का जनजीवन प्रभावित कर रखा है।

इस वर्ष आम की फसल अच्छी होने का अनुमान किसानों को था। लेकिन तेज हवाओं ने आम उत्पादक किसानों की आशा पर पानी फेर दिया है। तेज हवाओं के कारण आम फसलों का व्यापक नुकसान हुआ है। इसके साथ ही कुछ मात्रा में धान व सब्जी फसलों को भी इसका फटका लगा है।

भामरागड़ तहसीन में पेड़ धराशायी

5 मई को शाम के दौरान भामरागड़ तहसील के साथ ही परिसर में तेज हवाओं के साथ हुए बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस दौरान अनेक जगह पर पेड़ गिर गए। वहीं अनेक मकानों को भी नुकसान हुआ है। शाम के दौरान अचालक वातावरण में बदलाव हुआ है। तूफानी हवाएं चलना शुरू हुआ है। तूफानी हवाओं के चलते अनेक स्थानों पर पेड़ धराशायी हुए।

अनेक जगह आम के पेड़ भी गिरे। साथ ही आम के पेड़ों से आम झड़कर नीचे गिरे। जिससे किसानों का व्यापक नुकसान हुआ। वहीं बिजली तारों पर पेड़ों की टहनियां तथा पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी खंडित हुई थी। जिससे नागरिकों को व्यापक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

जिले के तापमान में गिरावट

जिले में अप्रैल के आरंभ से ही तपिश बढ़ना आरंभहुआ। जो अप्रैल के अंतिम सप्ताह में नागरिकों को झुलसा रहा था। 26 अप्रैल को जिले में अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री दर्ज किया गया। इस वर्ष का सर्वाधिक तापमान रहा। इसके पश्चात भी 4 मई तक जिले में 42 से 44 के आसपास ही तापमान रहा। लेकिन 5 मई से तेज हवाएं व हल्की बारिश के मद्देनजर तापमान में व्यापक गिरावट नजर आ रही है। दिनभर तपिश का दौर रहता है। लेकिन तापमान 40 अंश के आसपास ही नजर आ रहा है। वहीं शाम के समय तेज हवाएं व हल्की वर्षा के चलते शीतलहरे भी चल रही है। जिससे जिले में तपिश से लोगों को कुछ राहत मिली है।

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