

Gadchiroli Fake Approval Order Case: गड़चिरोली जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF), के नाम पर फर्जी प्रशासनिक स्वीकृति आदेश तैयार कर प्रसारित किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में गड़चिरोली पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। जिलाधिकारी एवं जिला खनिज प्रतिष्ठान के अध्यक्ष अविश्यांत पांडा ने स्वयं पुलिस अधीक्षक, गड़चिरौली को आधिकारिक पत्र भेजकर मामले की गहन जांच करने और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
गड़चिरोली जिला खनन अधिकारी इमरान शेख ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने जिलाधिकारी के हस्ताक्षर तथा जिला खनिज प्रतिष्ठान के आधिकारिक लेटरहेड का दुरुपयोग कर फर्जी प्रशासनिक स्वीकृति आदेश तैयार किए। इन आदेशों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए प्रशासनिक मंजूरी एवं निधि स्वीकृत होने का उल्लेख किया गया था तथा संबंधित दस्तावेज कुछ व्यक्तियों और कार्यालयों तक पहुंचाए गए थे। मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। गड़चिरोली जिलाधिकारी द्वारा पुलिस अधीक्षक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यह कृत्य शासन के साथ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों का निर्माण, शासकीय अभिलेखों का दुरुपयोग तथा जनता एवं संबंधित विभागों को गुमराह करने का प्रयास है। साथ ही, यह आशंका भी जताई गई है कि इन फर्जी आदेशों का उपयोग आर्थिक लाभ प्राप्त करने या निधि हासिल करने के उद्देश्य से किया गया हो सकता है। इसलिए मामले की विस्तृत जांच आवश्यक है।
इस बीच जिला खनन अधिकारी इमरान शेख ने स्पष्ट किया है कि DFM निधि की स्वीकृति एवं वितरण की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है। सभी प्रशासनिक स्वीकृतियां, निधि मंजूरी और वितरण की प्रक्रिया नियमानुसार तथा अधिकृत माध्यमों से ही संचालित की जाती है। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों, अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि किसी भी आदेश पर कार्रवाई करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य कर लें। प्रशासन ने नागरिकों एवं अधिकारियों से अनुरोध किया है कि यदि कोई संदिग्ध आदेश, पत्राचार या दस्तावेज प्राप्त हो, तो उसकी सूचना तत्काल जिला खनिज प्रतिष्ठान, जिलाधिकारी कार्यालय अथवा पुलिस प्रशासन को दें। मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गड़चिरोली जिला खनिज प्रतिष्ठान की शिकायत पर 23 जून 2026 को गड़चिरोली पुलिस थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। एफआईआर क्रमांक 0825/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, शासकीय अभिलेखों के दुरुपयोग तथा आर्थिक लाभ प्राप्त करने के प्रयास से संबंधित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है।
शिकायत के अनुसार, जिला खनिज प्रतिष्ठान के नाम पर दो फर्जी प्रशासनिक स्वीकृति आदेश तैयार किए गए थे। इन आदेशों के माध्यम से विभिन्न विकास कार्यों के लिए निधि स्वीकृत होने का दावा कर संबंधित विभागों को भ्रमित करने का प्रयास किया गया। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कोई आदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान द्वारा जारी नहीं किए गए हैं।