गड़चिरोली: 5 महीने से कमीशन नहीं मिलने पर फूटा राशन दुकानदारों का गुस्सा, अहेरी तहसील में सौंपा ज्ञापन
Ration Shopkeepers Protest: गड़चिरोली के अहेरी में 5 महीने से कमीशन न मिलने पर राशन दुकानदारों के सामने भुखमरी की नौबत आई। राहत के लिए उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
- Written By: केतकी मोडक
राशन दुकानदार तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए (सोर्स - फोटो नवभारत)
Ration Shopkeepers Protest In Gadchiroli: गड़चिरोली जिले के सीमावर्ती अहेरी तालुका से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। अहेरी तहसील के अंतर्गत आने वाले सरकारी सस्ते राशन दुकानदारों को पिछले 5 महीनों से उनके काम का वैध कमीशन नहीं मिला है। इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के चलते दुकानदारों और उनके परिवारों के सामने सीधे तौर पर भुखमरी की नौबत आ चुकी है।
इस विकट समस्या की ओर शासन और प्रशासन का ध्यानाकर्षण करने के लिए ‘सरकारी स्वस्त धान्य दुकानदार संगठन, तहसील अहेरी’ के बैनर तले दर्जनों दुकानदारों ने एकजुट होकर सीधे अहेरी तहसील कार्यालय पर धावा बोला और तहसीलदार के माध्यम से गड़चिरोली जिला आपूर्ति अधिकारी को अपनी मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं राशन संचालक
संगठन द्वारा सौंपे गए आधिकारिक ज्ञापन के अनुसार, अहेरी तहसील के अनाज वितरकों को विगत 5 महीनों से कमीशन की राशि नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक कमर पूरी तरह टूट चुकी है। कमीशन भुगतान में निरंतर हो रहे विलंब और लालफीताशाही के कारण राशन दुकानदारों को दुकान का किराया, बिजली बिल और अन्य घरेलू खर्च उठाने में व्यापक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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दुकानदारों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके परिवारों के अस्तित्व को बचाने के लिए प्रशासन बिना किसी देरी के इस कमीशन की राशि को तत्काल उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करे।
जून 2026 का राशन अब तक गायब
भुखमरी के इस संकट के बीच दुकानदारों के सामने एक और बड़ी तकनीकी और व्यावहारिक मुसीबत खड़ी हो गई है। वर्तमान माह जून 2026 का सरकारी राशन अब तक अहेरी तहसील की कई राशन दुकानों में भौतिक रूप से नहीं पहुंच सका है। जब दुकानों में अनाज ही उपलब्ध नहीं है, तो उपभोक्ता परेशान होकर दुकानदारों से विवाद कर रहे हैं।
इस अव्यवस्था को देखते हुए संगठन ने मांग उठाई है कि जब भी जून महीने का राशन देर से उपलब्ध कराया जाए, तो उसके वितरण की अंतिम तिथि को ‘पॉस’ (e-PoS) मशीन पर बढ़ाकर आगामी जुलाई 2026 तक कर दिया जाए। इससे किसी भी गरीब लाभार्थी का अनाज नहीं छूटेगा और सभी को सुचारू एवं उचित तरीके से राशन का वितरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
शक्कर घोटाले का गंभीर आरोप
इस आंदोलन के दौरान दुकानदारों ने स्थानीय आपूर्ति विभाग पर एक और बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है। सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि आज से ठीक दो वर्ष पूर्व, यानी अप्रैल, मई और जून 2024 के दौरान, अहेरी तहसील के करीब 40 से अधिक राशन दुकानदारों ने सरकारी चालान (चलन) के माध्यम से शक्कर (चीनी) के आवंटन के लिए अग्रिम रूप से नकद राशि जमा कराई थी।
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अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और संदेहास्पद बात यह है कि पूरे 2 वर्ष का लंबा समय बीत जाने के बाद भी न तो अहेरी के गरीबों को बांटने के लिए वह शक्कर दुकानों तक पहुंचाई गई, और न ही दुकानदारों द्वारा जमा किए गए लाखों रुपये वापस किए गए। दुकानदारों ने इस जमा राशि को भी ब्याज सहित तत्काल वापस करने की पुरजोर मांग की है।
इस मांग प्रदर्शन के दौरान संगठन के अध्यक्ष प्रशांत पट्टीवार, सचिव तिरुपति कीर्तिवार, उपाध्यक्ष पवन ताटीकोंडावार के साथ-साथ रवींद्र पुल्कुर्वार, सचिन नागुलावार, बापू दुर्गे सहित अहेरी तालुका के दर्जनों पीड़ित राशन दुकानदार बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
