पहलवान भारत पेंदाम की टूटी 'सांसें': राज्यस्तर तक पहुंचने वाला था खिलाड़ी, पर 4 साल से बिस्तर पर है 'भारत'

Bharat Pendam Wrestling Player: राज्यस्तर पर पहुंचने से पहले ही बीमारी ने तोड़ा पहलवान भारत पेंदाम का सपना। विधायक रामदास मसराम ने की मदद की अपील। जानें खिलाड़ी के संघर्ष की कहानी।
The wrestler Bharat Pendam's dream was shattered by illness before he could even reach the state level. MLA Ramdas Masram has issued an appeal for assistance. Learn the story of this athlete's struggle.
विधायक मसराम ने की मुलाकात (सौजन्य-नवभारत)
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MLA Ramdas Masram: जिद व परिश्रम के बल पर ऊंची उड़ान लेने का ख्वाब अनेक युवा देखते है, ऐसा ही ख्वाब आरमोरी तहसील के पेट तुकूम निवासी भारत पेंदाम ने देखा था। इसके लिए उसने व्यापक लगन से मेहनत भी की। लेकिन जब राज्यस्तर पर पहुंचने का अवसर आया तभी उसका ख्वाब टूट गया। वह खिलाड़ी विगत 4 वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रहा है।

इसकी जानकारी मिलते ही विधायक रामदास मसराम पेटतुकूम गांव में पहुंचकर कुश्ती खिलाड़ी भारत से मुलाकात की। वहीं उसका हालचाल जानकर उसके उपचार हेतु मदद का आश्वासन दिया। मेहनत के बल पर ऊंची उड़ान भरने के ख्वाब अनेक युवा विद्यार्थी देखते है। ऐसा एक विद्यार्थी महात्मा फुले महाविद्यालय में शिक्षा लेने वाले पेटतुकूम निवासी भारत पेंदाम है।

उसे बचपन से ही कबड्डी, खो-खो, कुश्ती खेलों में अधिक रुचि थी। जिससे कुश्ती में उसने तहसील से लेकर विभागीय स्तर तक पहुंचा। जब उसका राज्यस्तर पर जाने का अवसर आया तब ही उसे कहीं मार लगने के चलते विगत 4 वर्षों से बीमारी से लड़ रहा है।

उपचार के लिए उसका परिवार ने अपने पास की पूरी पूंजी लगा दी, साथ ही कहीं से उधार मांगकर तथा कर्ज लेकर उपचार किया, लेकिन अब तक कोई लाभ नहीं हुआ। वित्तीय स्थिति दयनीय होने के चलते उसके परिवार को उपचार कराना मुश्किल हो रहा है। लेकिन इस खिलाड़ी की सरकार द्वारा उपचार के लिए कोई सुध नहीं लेने से खिलाड़ी उपचार के लिए तरस रहा है।

विधायक के समक्ष रखी परेशानी

इसकी जानकारी मिलते ही आरमोरी विस क्षेत्र के विधायक रामदास मसराम ने पेठ तुकूम में भारत पेंदाम के घर जाकर उसके तबीयत संदर्भ में पूछताछ की। इस दौरान उसके परिवार ने बताया कि भारत को उपचार के लिए नागपुर के एम्स अस्पताल में दाखिल किया गया। वहां 7 माह तक उपचार चला। थोड़ा सुधार हुआ। लेकिन पूरी तरह से आराम नहीं मिला।

इस दौरान उपचार के लिए लाया पैसा समाप्त होने के चलते पैसों के अभाव में उसे घर लाना पड़ा। पैसों के अभाव में आगे का उपचार करना मुश्किल हो रहा है। ऐसी बात परिजनों ने विधायक के समक्ष कही। जिससे आगे के उपचार के लिए प्रयास कर सरकार की विभिन्न योजना से अनुदान उपलब्ध कराने का आश्वासन विधायक रामदास मसराम ने परिवार को दिया। इस समय कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष दिलीप घोडाम, सामाजिक कार्यकर्ता कवडु सहारे, बंडु खोडवे, कमलेश धुपजारे, रेवनाथ पेंदाम, नैपाल पेंदाम समेत आदि उपस्थित थे।

उत्कृष्ट कुश्ती खिलाड़ी के रूप में परिचित

आरमोरी तहसील के पेठ तुकुम गांव के व्यापक गरीब परिवार का विद्यार्थी भारत रेवनाथ पेंदाम (23) देऊलगांव के महात्मा फुले महाविद्यालय में शिक्षारत था। वह उत्कृष्ट कुश्ती खिलाड़ी के रूप में परिचित था। 12वीं में उत्कृष्ट अंक लेकर स्नातक में प्रवेश ले रहा था। उसकी रुचि कुश्ती खेल में होने से उसने तहसील से लेकर विभागीय स्तर पर अपना दबदबा रखा। जब राज्यस्तर पर जाने का अवसर आया, तब ही उसे कहीं चोट लगी। और वह गंभीर बीमारी से ग्रसित हुआ, और उसका सपना चकनाचूर हुआ।

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