Gadchiroli News: आंगनवाडी कर्मियों के हडताल को एक माह पूर्ण, नहीं निकला हल

Anganwadi workers Strike completes one month
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  • जिले के हजारों आंगनवाडी केंद्रों को जडे है ताले

गडचिरोली. अल्प मानधन में नौनिहाल बच्चों को प्राथमिक पूर्व शिक्षा देने के साथ ही गर्भवति माता व बच्चों के पोषाहार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानेवाले आंगनवाडी सेविकाओं को अल्प मानधन में गुजारा करना पड़ रहा है. जिससे आंगनवाडी कर्मीयों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, किमान वेतन व पेंशन देने की मांग विगत अनेक दिनों से की जा रही है. लेकिन सरकार की आंगनवाडी कर्मीयों के मांगो की ओर अनदेखी हो रही है. जिससे संतप्त आंगनवाडी कर्मचारियों ने एल्गार करते हुए सड़क पर उतरे है. गत माह 4 दिसंबर से शुरू किये गये हडताल को अब एक माह की कालावधि पूर्ण हो गयी है. लेकिन अब तक आंगनवाडी कर्मियों की मांगे हल नहीं होने के कारण आंदोलन तीव्र करने की चेतावनी आंगनवाडी कर्मचारियों के संगठनों ने दी है. 

हजारों आंगनवाडी केंद्रों को जडे है ताले

अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंनगवाडी कर्मचरियों द्वारा पिछले एक माह से हडताल किया जा रहा है. हडताल कालावधि में आयुक्त कार्यालय से विकल्प पत्र जारी किया गया था. जिसे जलाकर हडतालकर्ताओं ने निषेध किया. वहीं कुछ जगह पर विभाग के अधिकारियों द्वारा आंनगवाडी केंद्रों को जडे ताले तोडे गये थे. जिसका भी विरोध आंगनवाडी कर्मचारियों ने कर आंगनवाडी केंद्रों के ताले तोडने वाले अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर जेलभरो आंदोलन आंदोलन भी किया गया था. जिससे वर्तमान स्थिति में जिले के हजारों आंगनवाडी केंद्रों को ताले जडे है.

छात्र पोषाहार से वंचित 

इधर आंगनवाडी केंद्र की सेविका और मदतनिस द्वारा पिछले एक माह से हडताल शुरू रखने के कारण आंगनवाडी केंद्र बंद अवस्था में है. उधर आंगनवाडी केंद्र बंद होने के कारण बच्चों को प्राथमिक पूर्व शिक्षा समेत पोषाहार से वंचित रहना पड रहा है. विशेषत: आंगनवाडी केंद्र के माध्यम से गर्भवती माता, स्तनता माता और किशोरवयीन युवतियों को स्वास्थ्य संदर्भ में उचित सलाह दी जाती है. लेकिन पिछले एक माह से जारी कर्मचारियों के हडताल के चलते गर्भवती माता, स्तनता माताओं को अस्पतालों के चक्कर काटने पड रहे है. विशेषत: हडताल का विपरित परिणाम छोटे बच्चों के शिक्षा पर होकर उन्हें पोषाहार से वंचित रहना पड रहा है. 

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