गड़चिरोली के 4 मंडलों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, बेडगांव में सबसे ज्यादा 79 मिमी वर्षा, टूटे कई संपर्क

Gadchiroli Heavy Rain: गड़चिरोली जिले में सप्ताहभर बाद बारिश की जोरदार वापसी से धान रोपाई के काम में तेजी आई है। कोरची और कुरखेड़ा तहसील के नालों में उफान आने से यातायात अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ।
Gadchiroli Flooded Rivers
कोरची और कुरखेड़ा तहसील के नाले उफान पर प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
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Gadchiroli Flooded Rivers News: गड़चिरोली में  विगत एक सप्ताह से विलुप्त हुई बारिश ने शुक्रवार से फिर रफ्तार पकड़ी है। बीते दिनों से जिले में हो रही बारिश से किसानों को व्यापक राहत मिली है। लेकिन निरंतर बारिश का दौर जारी होने से जिले का जनजीवन प्रभावित हुआ है। मुसलाधार बारिश के चलते कोरची तहसील के कोरची बोटेकसा मार्ग पर के भिमपुर नाला व कुरखेडा तहसील के काढोली-उराडी मार्ग पर के नाले को बाढ आने से इन मार्गों की यातायात कुछ समय के लिए ठप हुआ था।

किसान दमदार बारिश के इंतजार में

बीते एक सप्ताह से बारिश विलुप्त हो गयी थी। जिसके चलते अनेक जगह रोपाई के कार्य ठप हुए थे। वहीं रोपाई की गई धान फसल पानी के अभाव में मुरझाने लगी थी। किसान दमदार बारिश के इंतजार में थे। ऐसे में शुक्रवार से फिर से बारिश ने दमदार आगमन किया है। जिससे किसानों को व्यापक राहत मिली है। विगत 3 दिनों से निरंतर बारिश शुरू है।

जिससे जिले के उत्तरी छोर के कोरची बोटेकसा इस मार्ग पर का भीमपुर नाला व कुरखेड़ा तहसील के कढोली-उराडी मार्ग पर के नाले में बाढ़ आने से यह मार्ग की यातायात कुछ समय के लिए ठप हुआ था। लेकिन इस बीच इस परिसर में बारिश थमने से दोपहर के बाद बाढ़ का प्रभाव कम हुआ। जिससे इस मार्ग की यातायात सुचारू होने की जानकारी है।

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4 मंडल में मूसलाधार बारिश 

गड़चिरोली जिले के 4 राजस्व मंडल में मूसलाधार बारिश दर्ज हुई है। कोरची तहसील के बेडगाव में सर्वाधिक 79.4 मिमी, मुलचेरा में 78.2 मिमी, कोरची में 71.6 मिमी तथा मसेली में 68 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिससे नदी-नालों के जलस्तर बढ़ गया है।

मघा नक्षत्र ने किसानों को संभाला

6 जुलाई से शुरू हुए पुनर्वसू नक्षत्र में रिमझिम बारिश ही दर्ज की गई थी। इस बारिश से बुआई किए गए धान फसलों को संजीवनी मिली थी। लेकिन दमदार बारिश के अभाव में रोपाई कार्य प्रलंबित थे। इसके बाद 20 जुलाई को पुष्प नक्षत्र शुरू होते ही जिले में मूसलाधार बारिश ने दस्तक दी। जिससे रोपाई के कार्यों को गति आयी। 3 अगस्त से अश्लेषा नक्षत्र को शुरूआत हुई।

नक्षत्र का वाहन हाथी था। इस नक्षत्र के पहले सप्ताह में दमदार बारिश हुई। लेकिन इसके बाद फिर एक सप्ताह तक बारिश विलुप्त होने से अंतिम चरण के रोपाईकार्य प्रलंबित थे। इस दौरान 17 अगस्त से मघा नक्षत्रास को प्रारंभ हुआ। पहला सप्ताह सूखा जाने के बाद दूसरे सप्ताह में बारिश ने गति पकड़ी है। बीते 3 दिनों से जिले में निरंतर बारिश शुरू होने से किसानों को व्यापक राहत मिली है, अब अंतिम चरण के रोपाईकार्यों में तेजी आने वाली है।

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