

Highlights:
धानोरा तहसील के पावरवेल गांव के पास खेत से लौट रहे किसान सावजी उसेंडी के पीछे अचानक दो बाघ पड़ गए।
बाघों को करीब आते देख किसान ने साइकिल छोड़ दी और एक विशाल पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई।
किसान की तेज आवाज सुनकर दोनों बाघ जंगल की ओर भाग गए। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर किसान को सुरक्षित नीचे उतारा।
Gadchiroli Tiger Attack: वर्तमान स्थिति में गड़चिरोली जिले में चहुओर बाघों की दहशत निर्माण हो गई है। जिसके कारण जिले के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र में रहनेवाले नागरिकों को अपना जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में खेत से साइकिल पर घर लौट रहे एक किसान के पीछे अचानक दो बाघ पड़ गए। जान पर बन आई तो किसान ने साइकिल छोड़कर पेड़ पर चढ़ने में ही भलाई समझी। कुछ देर तक मौत सामने मंडराती रही, लेकिन पेड़ पर चढ़ने की सूझबूझ ने उसकी जान बचा ली।
रोंगटे खड़े कर देने वाली यह घटना गुरुवार को धानोरा तहसील के पावरवेल गांव परिसर में हुई। धानोरा तहसील पेंढरी परिसर और एटापल्ली तहसील के कसनसूर, जारावंड़ी वनपरिक्षेत्र के जंगल में बाघ की दहशत अधिक है। इस परिसर में अब तक बाघ के हमले में तीन लोगों ने अपनी जान गवाई है। विशेषतः दो दिन पहले धानोरा तहसील के तुलमेल गांव निवासी एक युवा किसान की बाघ के हमले में मृत्यु हो गयी थी।
इस घटना को दो दिन भी नहीं बिते की अब इसी परिसर में खेतीकार्य कर साईकिल से अपने गांव की ओर वापिस लौट रहे एक किसान का दो बाघों ने पिछा करने की घटना गुरूवार को धानोरा तहसील के पावरवेल गांव परिसर में घटी। विशेषतः साईकिल सवार किसान अपनी जान बचाने के लिये तत्काल पेड पर चढ गया। जिसके कारण उसकी जान बच गयी। पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचानेवाले किसान का नाम पावरवेल निवासी सावजी उसेंडी है। इस घटना से इस परिसर में पुनः बाघ की दहशत निर्माण हो गयी है।
गुरूवार को शाम के समय सावजी उसेंडी यह अपने खेतीकार्य निपटाकर गांव की ओर साईकिल से जा रहा था। इस दौरान जंगल के रास्ते जाते समय अचानक दो बाघों ने उसका पिछा किया। बाघों को पिछा करते हुए देख सावजी साईकिल की रफ्तार बढाकर और गांव से 500 मिटर दूरी पर पहुंचते ही साईकिल छोड एक विशाल पेड़ पर चढ़ गया। और पेड़ पर चढ़ते ही उसने जोरों-जोरों पर चिल्लाना शुरू कर दिया। जिससे बाघ जंगल में भाग गये। इधर ग्रामीण चिखे-चिल्लाने की आवाज सुनते ही आवाज की दिशा में भाग खडे हुए। जिसके बाद ग्रामीणों ने सावजी को सुरक्षित पेड से निचे उतारा।
गांव तब पहुंचने की घटना से ग्रामीणों की नीद उड़ा दी। एक साथ दो बाधों का गांव परिसर में विचरण होने के कारण रातभर ग्रामीण दहशत थे। पहले इस परिसर में एक बाघ था। और अब दो गये है। जिससे बाघों की संख्या कितनी है? ऐसा सवाल भी उपस्थित किया जा रहा है। इस परिसर में निरतर बाघ दिखाई देने और बाघ के हमले बढ़ाने के कारण इस परिसर के नागरिक पुरी तरह भयभित हो गये है। और तत्काल बाघों का बंदोबस्त करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है।
पेंढरी वनपरिक्षेत्रधिकारी नामदेव बनसोड़ ने कहा कि गड़चिरोली जिले के धानोरा और एटापल्ली तहसील में तीन लोगों में जान लेनेवाला और मवेशियों को शिकार करनेवाले नरभक्षी बाघ को पकडने के लिये वनविभाग ने वरिष्ठ कार्यालय के पास प्रस्ताव पेश किया है। जल्द ही वनविभाग द्वारा नरभक्षी बाघ को पिंजरे में कैद किया जाएगा। तब तक नागरिक सतर्कता बरते। और वनविभाग को सहयोग करें।