Gadchiroli News: गड़चिरोली में जल संरक्षण के लिए उमड़ा जनसैलाब, वॉक फॉर वॉटर को मिला व्यापक प्रतिसाद

Walk For Water Gadchiroli: गड़चिरोली में जल संरक्षण सप्ताह के समापन पर ‘महा वॉकेथॉन-वॉक फॉर वॉटर’ आयोजित हुआ। नागरिकों और युवाओं ने पानी बचाने का संकल्प लिया।
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गड़चिरोली महा वॉकेथॉन(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Gadchiroli Maha Walkathon: जल संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर आज शुक्रवार 21 अगस्त को गड़चिरोली शहर में आयोजित 'महा वॉकेथॉन-वॉक फॉर वॉटर' को नागरिक, युवक-युवतियों का व्यापक प्रतिसाद मिला। इंदिरा गांधी चौक से शुरू हुए वॉकेथॉन को विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पोटेगांव स्थित जिला स्टेडियम में वॉकथॉन का समापन हुआ। 15 से 21 अगस्त तक आयोजित जल संरक्षण सप्ताह के तहत मृदा व जल संरक्षण विभाग की ओर से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

इस अवसर पर नगराध्यक्ष एड। प्रणोती निंबोरकर, जिप के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र भुयार, मृदा तथा जल संरक्षण विभाग के कार्यकारी अभियंता राजेश कोठेकर, जिला नियोजन अधिकारी प्रमोद घाडगे, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाड़े समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। जल संरक्षण विषय पर रील्स बनाकर भेजने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी गई है। मृदा एवं जल संरक्षण विभाग ने नागरिकों से इस पहल में अधिक से अधिक संख्या में सहभाग लेने का आह्वान किया है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर महा वॉकेथॉन में सहभागी युवक-युवतियों में से लकी ड्र द्वारा चयनित स्पर्धकों को मान्यवरों के हाथ प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

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जलसंरक्षण में योगदान दें : एड. निंबोरकर

नगराध्यक्ष प्रणोती निंबोरकर ने कहा कि भविष्य में पानी की किल्लत से बचने के लिए अभी से जल संरक्षण तथा उचित जल नियोजन करना आवश्यक है। 'पानी रोको, पानी जमीन में उतारो' की अवधारणा को जन आंदोलन बनाकर प्रत्येक व्यक्ति को जल संरक्षण में योगदान देना चाहिए। ऐसी बात भी उन्होने कहीं।

पानी की हर बूंद बचाने का संकल्प ले : डॉ. नरोटे

इस अवसर पर विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे ने कहा कि जल प्रबंधन समय की आवश्यकता है। बारिश के पानी को रोककर उसे जमीन में उतारने के साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सप्रिंकलर सिंचाई जैसी जल संरक्षण की उपाययोजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। गड़चिरोली जिले को जलसमृद्ध बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति के छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से पानी की हर बूंद बचाने का संकल्प लेना चाहिए, ऐसा आह्वान भी उन्होंने किया।

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