भामरागड़ में स्वास्थ्य सुविधा का अभाव, डॉ. ने किया गड़चिरोली रेफर पर गर्भवती महिला ने रास्ते में ही तोड़ा दम

Gadchiroli Health Services Shortage: भामरागड़ में प्रसव के दौरान हालत बिगड़ने पर गर्भवती महिला को अहेरी रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर रोष है।
 Pregnant Woman Dies On Way Bhamragad
स्वास्थ्य सुविधा न मिलने से महिला ने गंवाई जान(सोर्स: AI)
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Gadchiroli Health Services Shortage Case: गड़चिरोली जिले के दुर्गम तथा आदिवासी बहुल भामरागडु तहसील में स्वास्थ्य सेवा की दयनीय अवस्था फिर से उजागर हुई है। स्वास्थ्य विभाग की खामियों के चलते फिर एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

चिंचोडा की निवासी जन्नी पुसु नैताम इस महिला को प्रसव के दौरान हालत गंभीर होने पर अहेरी के उपजिला अस्पताल में रेफर किया गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। इस घटना के चलते स्थानीय नागरिकों में व्यापक रोष व्यक्त किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को रात 9 बजे के दौरान जन्नी नैताम को प्रसव पीड़ा शुरू होने से भामरागड़ के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल किया गया था। लेकिन, प्रसूति के दौरान महिला तथा पेट में पल रहे बच्चे की हालत गंभीर हो गई।

स्वास्थ्य केंद्र में इन कमियों से गयी जान!

वहीं भामरागड के स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक सुविधा तथा तज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने से चिकित्सकों की भागदौड हुई। अंततः चिकित्सकों ने उन्हे तत्काल अहेरी के उपजिला अस्पताल में रेफर किया। लेकिन अहेरी में पहुंचने के पूर्व ही रास्ते में महिला ने दम तोड दिया। मृत महिला के पश्चात 6, 9 तथा 12 वर्ष के 3 छोटे बच्चे है।

भामरागड़ तथा आसपास के दुर्गम क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा के अभाव के कारण जान जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी गुंडेरा गांव के एक नौनिहाल बच्चे की उपचार के अभाव में रास्ते में ही मृत्यू हुई थी। वहीं बिते वर्ष एर्रगुडा परिसर के 2 बालकों को वैद्यकीय सुविधा के अभाव में अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

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कैसे सुधरेगीं स्वास्थ्य केंद्रों की हालत?

चिकित्सकों का अवकाश व मरीजों को परेशानी अहेरी के महिला व बाल अस्पताल में प्रसव के लिए 4 चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है, लेकिन इनमें से महत्वपूर्ण चिकित्सक के अवकाश पर रहने से गंभीर मरीजों को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण कई गंभीर मामलों को सीधे गड़चिरोली रेफर किया जा रहा है। दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है। समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने तथा विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा की कमी के कारण मरीजों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

इससे इलाज में देरी का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय नागरिकों ने अस्पताल में पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, नियमित चिकित्सा सेवाएं और समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।

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