

Bhamragad Three Critical Patients Airlifted: महाराष्ट्र के गड़चिरोली जिले के भामरागढ़ तहसील में लगातार बारिश और बाढ़ की स्थिति के बीच गंभीर मरीजों तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए प्रशासन ने तात्कालिक कदम उठाया है।
भामरागढ़ तहसील के तीन गंभीर मरीजों को हेलीकॉप्टर की मदद से हेडरी स्थित अस्पताल पहुंचाया गया। जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा के मार्गदर्शन और निर्देश पर यह तत्काल राहत एवं चिकित्सा सहायता अभियान चलाया गया।
बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण भामरागढ़ तहसील के कई दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। ऐसे हालात में गंभीर मरीजों को सामान्य मार्ग से अस्पताल तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसी परिस्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मरीजों को समय पर उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की।
जानकारी के अनुसार, बिनागुंडा गांव से एक दिन पहले लाहेरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराई गई 7 वर्षीय संगीता चुक्कू उसेंडी की तबीयत गंभीर थी। उसकी स्थिति को देखते हुए उसे रविवार को लाहेरी से हेलीकॉप्टर के माध्यम से हेडरी ले जाया गया, जहां आगे का उपचार किया जा रहा है।
इसी तरह, अपेक्षा ऋषी आलाम और रोशन चिना मडावी नामक दो अन्य मरीजों को भी गंभीर स्थिति को देखते हुए आगे के उपचार के लिए हेडरी स्थानांतरित किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन मरीजों में सिकलसेल से पीड़ित मरीज भी शामिल है, जिसके लिए समय पर उचित चिकित्सा उपचार मिलना आवश्यक था।
इस आपात स्थिति में चिकित्सा सहायता के लिए क्षेत्र में उपलब्ध लॉयड्स मेटल्स कंपनी के हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया। प्रशासन ने उपलब्ध संसाधनों का तत्काल उपयोग करते हुए मरीजों को सुरक्षित और जल्द से जल्द हेडरी पहुंचाने की व्यवस्था की।
पूरे अभियान के दौरान आदिवासी विकास परियोजना के परियोजना अधिकारी अमर राऊत और भामरागढ़ के तहसीलदार किशोर बागडे ने आवश्यक व्यवस्था और समन्वय किया। मरीजों के साथ निर्मला आलाम और चिना कुडयामी भी मौजूद रहे।
भामरागढ़ जैसे दुर्गम और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आपातकालीन स्थिति के दौरान मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में हेलीकॉप्टर के माध्यम से तीन गंभीर मरीजों को सुरक्षित रूप से हेडरी पहुंचाया जाना राहत कार्य की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के कारण तीनों मरीजों को समय पर आगे के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने में सफलता मिली।