

Gadchiroli Ashram School Tribal Students: गड़चिरोली जिले के धानोरा तहसील स्थित जपतलाई अनुदानित आश्रम स्कूल में सर्पदंश की घटना के बाद राज्य में मचे बवाल के बीच आदिवासी विकास विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने नामांकित आवासीय स्कूलों की जांच और उनकी मान्यता रद्द करने के लिए नई कार्यप्रणाली घोषित की है।
इसके तहत शिकायत मिलने या स्कूल को 60 से कम अंक मिलने पर उसकी गहन जांच की जाएगी। नई कार्यप्रणाली के तहत स्कूल में आवश्यक भौतिक और बुनियादी सुविधाओं का अभाव पाए जाने पर भी कार्रवाई की जाएगी। अपर आयुक्त की ओर से अधिकारियों की जांच टीम गठित की जाएगी।
जांच में गंभीर खामियां पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन को सुधार के लिए समय दिया जाएगा। तय अवधि में खामियां दूर नहीं करने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, मान्यता रद्द करने का अंतिम फैसला शासन स्तर पर लिया जाएगा। मान्यता रद्द होने की स्थिति में विद्यार्थियों के समायोजन की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
नाशिक जिले की विसापुर आश्रमशाला में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली 8 वर्षीय सृष्टि सूर्यवंशी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि सेंट्रल किचन से मिले बासी भोजन के कारण सृष्टि को विषबाधा हुई। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में विस्तार अधिकारी भगवान निकम, अधीक्षिका स्मिता गायकवाड़ और प्रभारी मुख्याध्यापक सुनील पवार को निलंबित कर दिया गया है।
गुरुवार को बुखार आने के बाद सृष्टि को मुकभणगी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। रात में भोजन करने के बाद उसे उल्टियां होने लगीं और देर रात उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद आश्रमशाला की व्यवस्था और विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए है।
वहीं, नाशिक में आदिवासी विद्यार्थियों ने 13 दिनों बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। राहुल पावरा, विवेक गावित और लक्ष्मी जाधव अनशन पर बैठे थे, नाशिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद और पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक की मौजूदगी में विद्यार्थियों ने अनशन वापस लिया। हालांकि, विद्यार्थियों ने साफ कर दिया है कि अनशन खत्म हुआ है, आआंदोलन नहीं।
राहुल पावरा ने कहा कि अगले 8 से 9 दिनों में मुंबई में बड़ा मार्च निकाला जाएगा और आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके के इस्तीफे की मांग की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस मार्च में लाखों की संख्या में लोग मुंबई पहुंचेंगे। राहुल पावरा के मुताबिक, राहुल गांधी, आदित्य ठाकरे, अमित ठाकरे और अभिजीत दीपके समेत विपक्ष के नेताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया है। इसी के बाद मुंबई में मार्च निकालने का फैसला किया गया है।
आदिवासी विद्यार्थियों की सुरक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं पर सरकार ने विशेष जोर दिया है। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से शासन निर्णय जारी किया गया है।