

Gadchiroli Farmers Protest: आरमोरी विधानसभा क्षेत्र के किसानों, मेहनतकशों, आदिवासियों, निराधार नागरिकों, बेरोजगारों तथा महंगाई और स्मार्ट मीटर से परेशान नागरिकों के न्यायसंगत अधिकारों के लिए कांग्रेस की ओर से 31 अगस्त को देसाईगंज के उपविभागीय कार्यालय पर महामोर्चा निकाला गया। आरमोरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामदास मसराम के नेतृत्व में निकाले गए इस मोर्चे में सैकड़ों किसान, खेतिहर मजदूर, मेहनतकश और बेरोजगार युवक शामिल हुए। ढोल-ताशों की गूंज के बीच बैलगाड़ियों के साथ निकले गए इस मोर्चे ने उपविभागीय कार्यालय पर दस्तक दी। इस दौरान देसाईगंज के उपविभागीय अधिकारी प्रसेनजीत प्रधान के माध्यम से सरकार को विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में आम जनता और गरीब वर्ग की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की गई। मोर्चे में देसाईगंज पंस के पूर्व सभापति परसराम टिकले, कांग्रेस के कुरखेड़ा तहसील अध्यक्ष जीवन पाटील नाट, देसाईगंज के तहसील अध्यक्ष राजेंद्र बुल्ले, आरमोरी के तहसील अध्यक्ष मिलिंद खोब्रागड़े, कोरची के तहसील अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, पूर्व उपसभापति नितीन राऊत, श्रीराम दुग्गा, प्रशांत कोराम, वामनराव सावसाकड़े, अरुण कांबले, वनिता नागतोडे, ज्योति भैसारे, आशा तुलावी, जयंत पाटील हरडे, गुटनेता तथा पार्षद विकास प्रधान, गिरधर तितराम, पूर्व जिप सदस्य प्रभाकर तुलावी, कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष इलियास पठाण, पूर्व नगराध्यक्ष श्याम उईके समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, किसान, खेतिहर मजदूर तथा बेरोजगार युवक शामिल हुए थे।
जनगणना में ओबीसी ७० के लिए स्वतंत्र कॉलम बनाकर ओबीसी समाज की अलग से जनगणना कराने की मांग भी ज्ञापन में की गई। सरकारी तथा अर्धसरकारी स्कूलों में शिक्षकों तथा शिक्षकेतर कर्मचारियों की तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग रखी गई। निराधार तथा श्रावणबाल योजना के लाभार्थियों का बकाया मानधन तत्काल वितरित करने तथा ओबीसी विद्यार्थियों को नियमित और बढ़ी हुई दर से छात्रवृत्ति देने की मांग की गई। साथ ही आदिवासी विद्यार्थियों के हितों के प्रतिकूल बताए जा रहे 5 अगस्त के शासनादेश (जीआर) को तत्काल रद्द करने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से वर्ष 2025-26 के धान का बोनस किसानों को तत्काल देने की मांग की गई। वर्ष 2017 से पहले कर्जमाफी के लिए पात्र घोषित किए गए, लेकिन कर्जमाफी की सूची में शामिल नहीं किए गए किसानों को सूची में शामिल कर उन्हें नए सिरे से कर्जमाफी का लाभदेने की मांग की गई। इसके अलावा खाद, बीज, रासायनिक कीटनाशकों सहित कृषि उपयोगी सामग्री की बढ़ती कीमतों को कम कर महंगाई पर नियंत्रण लाने की मांग की गई। स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल बंद करने तथा पहले से लगाए गए स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर पुनः लगाने की मांग भी कांग्रेस की ओर से की गई।