गड़चिरोली में बदली 50 पूर्व माओवादियों की जिंदगी, हथियार छोड़ लौटे मुख्यधारा में, पुलिस ने भेजा गृह जिलों में

Gadchiroli Maoist: गड़चिरोली में आत्मसमर्पण करने वाले 50 पूर्व माओवादियों को पुलिस ने गृह जिलों के लिए रवाना किया। पुनर्वास, रोजगार और परिवार के साथ सम्मानजनक जीवन की राह आसान की जा रही है।
Gadchiroli Maoist Operation Roshni
नागरिकों, अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए पुलिस अधिकारीप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
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Gadchiroli Maoist Operation Roshni: गड़चिरोली में कभी जंगलों में हथियार लेकर घूमने और दहशत का पर्याय बने चेहरे अब पूरी तरह बदले नजर आए। हाथों में बंदूक की जगह सामान था और आंखों में हिंसा की जगह सुरक्षित भविष्य की उम्मीद।

नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटे 50 आत्मसमर्पित माओवादियों को गड़चिरोली पुलिस ने सोमवार को उनके मूल जिलों के लिए रवाना किया। सुरक्षित पुनर्वास की दिशा में उठाए गए इस कदम के दौरान आयोजित विदाई समारोह भावुक माहौल में संपन्न हुआ।

पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण के बाद इन पूर्व माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जा रही है।

वर्ष 2005 में शुरू की गई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर अब तक 819 माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। पुलिस के अनुसार, वर्तमान में जिले के रिकॉर्ड पर कोई सक्रिय सशस्त्र माओवादी शेष नहीं है।

सामूहिक विवाह से रोजगार तक पुनर्वास पर जोर

गड़चिरोली पुलिस ने आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास के लिए विभिन्न सामाजिक और विकासात्मक पहल भी शुरू की हैं। प्रोजेक्ट संजीवनी के तहत अब तक 46 आत्मसमर्पित जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया। इसके अलावा ऑपरेशन रोशनी के माध्यम से स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर, योग तथा मानसिक परामर्श जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं।

पुनर्वास प्रक्रिया को रोजगार से जोड़ने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, 88 पूर्व माओवादियों को लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड में कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसका उद्देश्य आत्मसमर्पित लोगों को अपने कौशल का उपयोग कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्थायी रूप से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

Gadchiroli Maoist Operation Roshni
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परिवार के साथ नई शुरुआत

विदाई समारोह के दौरान पूर्व माओवादियों के चेहरों पर अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन शुरू करने की उम्मीद दिखाई दी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वालों को केवल सुरक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनके पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन पर भी लगातार काम किया जा रहा है।

गड़चिरोली पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने कहा कि आत्मसमर्पित माओवादी अपने कौशल का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनें और परिवार के साथ सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन बिताएं। उन्होंने कहा कि गड़चिरोली पुलिस उनके सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।

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