जानें क्यों किरीट सोमैया और उनके बेटे नील सोमैया पर FIR हुई दर्ज, यहां पढ़ें पूरी डिटेल्स
- Written By: प्रभाकर दुबे
मुंबई: आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) को बचाने के लिए क्राउड-फंडिंग अभियान पर पूर्व सहयोगी शिवसेना (Shiv Sena) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच वाकयुद्ध के बीच ट्रॉम्बे पुलिस (Trombay Police) ने बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया (Kirit Somaiya) और उनके नगरसेवक बेटे नील सोमैया (Neel Somaiya) के खिलाफ कथित देश के पहले विमानवाहक पोत को बचाने के लिए अभियान के माध्यम से एकत्र किए गए करोड़ों रुपए को कथित रूप से हड़पने के लिए प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस के मुताबिक, एफआईआर रिटायर्ड सैनिक की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता सैनिक ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि 2013 और 2014 में पूर्व सांसद किरीट और नील ने युद्धपोत आईएनएस विक्रांत की मरम्मत के नाम पर नागरिकों से आर्थिक सहायता राशि वसूलने का अभियान शुरू किया था। हालांकि, यह वित्तीय सहायता को राज्यपाल के सचिव के कार्यालय में जमा करना चाहिए था, लेकिन उसे वहां जमा नहीं किया गया और वित्तीय सहायता का गबन कर लोगों को धोखा दिया गया है।
संजय राउत ने भी लगाया था आरोप
शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी बुधवार को आरोप लगाया था कि किरीट सोमैया ने विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए लोगों से मिले 57 करोड़ रुपए का गबन किया है और इसमें उनके बेटे नील भी शामिल है। उनका आरोप है कि जब किरीट सोमैया अपने बेटे नील के साथ विक्रांत को बचाने के लिए टी-शर्ट पहनकर घूम रहे थे, उस समय करोड़ों लोगों ने पैसे दिए। विक्रांत को बचाने’ के लिए एकत्र किया गया धन तत्कालीन राज्यपाल को दिया जाना था, लेकिन राज्यपाल को सौंपा नहीं गया और यह जानकारी उन्हें आरटीआई से प्राप्त हुई है।
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1961 में भारतीय नौसेना में हुआ शामिल
आईएनएस विक्रांत को 1961 में भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया और वह राजसी श्रेणी का विमानवाहक पोत है। उसने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अहम भूमिका निभाई थी।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
ट्रॉम्बे पुलिस ने पूर्व सैनिक की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक विश्वास भंग), धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 34 (साझा मंशा) के तहत किरीट सोमैया और उनके बेटे नील और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की है।
