फेल हुए तो बन गए TET पेपर लीक के मास्टरमाइंड! भिवंडी पुलिस की गिरफ्त में आए 3 शातिर ग्रेजुएट्स

MAHA TET Paper Leak Mastermind: MAHA TET 2026 पेपर लीक मामले में भिवंडी पुलिस ने 3 शातिर ग्रेजुएट्स को गिरफ्तार किया है। खुद परीक्षा में फेल होने के बाद आरोपियों ने किया पेपर लीक।
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आरोपी गिरफ्तार (सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Failed Candidates Turn TET Paper Leak Masterminds: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा MAHA TET 2026 के पेपर लीक मामले ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज कांड में सबसे हैरान करने वाला खुलासा आरोपियों की शैक्षिक योग्यता को लेकर हुआ है। पुलिस की गिरफ्त में आए इस गिरोह के मुख्य सदस्य कोई अनपढ़ अपराधी नहीं, बल्कि बीएससी, बीकॉम और बीए जैसी डिग्रियां रखने वाले उच्च शिक्षित युवक हैं।

ठाणे की भिवंडी पुलिस द्वारा बिछाए गए जाल में फंसे तीन आरोपियों की पहचान राजीव कुमार, आकाश कुमार और धीरज कुमार के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि राजीव कुमार बीएससी ग्रेजुएट है और जमीन की खरीद-बिक्री के व्यवसाय से जुड़ा है। वहीं, आकाश कुमार ने बीकॉम किया है। गिरोह का तीसरा सदस्य धीरज कुमार बीए डिग्री धारक है। चौंकाने वाली बात यह है कि धीरज खुद कभी केंद्रीय विद्यालयों की शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हुआ था, लेकिन उसमें सफल नहीं हो सका था। आज वही युवक दूसरों को गलत तरीके से शिक्षक बनाने के नाम पर करोड़ों का सौदा कर रहा था।

1.5 करोड़ की डील और दिल्ली कनेक्शन

पुलिस जांच के अनुसार, यह गिरोह दिल्ली से मूल प्रश्नपत्रों के चार सेट लेकर आया था और उन्हें करीब 1.5 करोड़ रुपये में बेचने की फिराक में था। भिवंडी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर इनके पास से मोबाइल फोन, नकदी और प्रश्नपत्रों के मूल सेट बरामद किए हैं। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने जब इन बरामद पेपर्स का मिलान असली प्रश्नपत्रों से किया, तो वे मेल खा गए, जिसके तुरंत बाद परीक्षा स्थगित करने का कड़ा फैसला लिया गया।

6 लाख भविष्य अधर में, लगेगा मकोका?

इस पेपर लीक की वजह से महाराष्ट्र के 6 लाख से अधिक उम्मीदवारों का भविष्य अनिश्चितता में लटक गया है। सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सरकार इन मास्टरमाइंड्स पर मकोका लगाने पर भी विचार कर रही है।

समाज के लिए यह एक चिंता का विषय है कि डिग्री धारक युवा, जो देश के भविष्य के निर्माण में सहायक हो सकते थे, आज परीक्षाओं की शुचिता में सेंध लगाने वाले संगठित अपराध का हिस्सा बन रहे हैं। फिलहाल, पुलिस इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और 'दिल्ली लिंक' की गहराई से पड़ताल कर रही है।

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