मंत्री-विधायक भी बनें कार्यकर्ता, शिंदे ने पुणे कार्यकारिणी को किया बर्खास्त, नई रणनीति से बदलेंगे समीकरण
Shiv Sena Reorganization: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का सख्त संदेश। निकम्मे पदाधिकारियों की होगी छुट्टी। पुणे कार्यकारिणी बर्खास्त, 43,000 गांवों में संगठन मजबूत करने का मास्टरप्लान।
- Written By: प्रिया जैस
एकनाथ शिंदे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Shiv Sena Eknath Shinde: महाराष्ट्र में अगले लगभग तीन साल तक कोई चुनाव नहीं होने हैं। ऐसे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपना पूरा फोकस शिवसेना (Shiv Sena) संगठन को मजबूत करने पर केंद्रित कर दिया है। यही संकेत उन्होंने पार्टी के नवनियुक्त संपर्क प्रमुखों और विभागीय संपर्क प्रमुखों के साथ आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में दिए।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने स्पष्ट किया कि पार्टी में अब केवल काम करने वालों को ही जगह मिलेगी और निकम्मे अर्थात जो पदाधिकारी सक्रिय नहीं रहेंगे, उनकी तत्काल प्रभाव से पद से छुट्टी कर दी जाएगी। बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि मंत्री, सांसद या विधायक होने का पद और ओहदा भूलकर सभी को एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह मैदान में उतरना होगा।
जनता के बीच जाकर ही संगठन का विस्तार संभव
शिंदे ने जोर देकर कहा कि संगठन का विस्तार केवल कार्यालयों में बैठकर नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर ही संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्वांटिटी (संख्या) से ज्यादा क्वालिटी (गुणवत्ता) पर ध्यान दिया जाएगा। केवल सरकारी निधि के लालच में पार्टी से जुड़ने वालों की बजाय निष्ठा और मेहनत से काम करने वालों को ही भविष्य में बड़ी जिम्मेदारिया और पद दिए जाएंगे।
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पुणे कार्यकारिणी पर गाज
डीसीएम के इस कड़े रुख का असर भी दिखना शुरू हो गया है। हाल ही में पुणे में सांगठनिक शिथिलता को देखते हुए वहां की पूरी कार्यकारिणी को बर्खास्त कर दिया गया। पुणे नगर निगम के पिछले अनुभवों और सांगठनिक कमजोरी को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया गया। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई राज्य के अन्य जिलों के उन पदाधिकारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि जो पदों पर आसीन हैं लेकिन सक्रिय नहीं हैं, उनकी छुट्टी तय है।
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सूक्ष्म नियोजन रणनीति
आगामी वर्षों में होने वाले चुनावों और संभावित निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन को देखते हुए शिंदे ने भी अब भाजपा की तर्ज पर सूक्ष्म नियोजन की रणनीति अपनाने का निर्णय लिया है, उन्होंने निर्देश दिया है कि राज्य के सभी 43,000 गावों में शिवसेना (Shiv Sena) का अस्तित्व प्रभावी रूप से दिखना चाहिए, इसके लिए प्रत्येक मतदान केंद्र (बूथ) पर दो ‘बीएलए’ नियुक्त करने और उनके साथ नियमित बैठके करने के निर्देश दिए गए है।
