

Mumbai News: उच्च शिक्षा प्राप्त करते समय लड़कियों को किसी भी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार ने 'कमाएँ और सीखें' योजना शुरू करने का फैसला किया है. इस योजना के तहत छात्राओं को 2,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि योजना में इस संशोधन से छात्राओं को बड़ी शैक्षिक सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के नाध्यम से उद्योग के लिए उपयोगी कुशल जनशक्ति उपलब्ध होगी और छात्राओं में तकनीकी कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।
पाटिल ने यह भी कहा कि छात्राओं के लिए शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के विकल्प भी उपलब्ध होंगे। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड और राज्य के विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से 'कमाएं और सीखें' पहल को मंजूरी दे दी है।
यह पहल राष्ट्रीय कौशल विकास पहल के तहत क्रियान्वित की जाएगी और उद्योग जगत में कुशल जनशक्ति की बढ़ती मांग को पूरा करेगी। महाराष्ट्र राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने राज्य के इच्छुक संस्थानों, उद्योग समूहों और संबंधित विशेषज्ञों को इस पहल में भाग लेने के लिए सक्षम बनाने के लिए एक नीतिगत ढाँचा तैयार किया है। इसके लिए उद्योग विशेषज्ञों की सहायता से एक अल्पकालिक सरकारी-अनुमोदित डिप्लोमा पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से छात्राओं को अपनी शिक्षा के साथ-साथ प्रत्यक्ष औद्योगिक प्रशिक्षण का अवसर प्रदान किया जाएगा।