महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
रत्नागिरी: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले 2024 के बजट में महायुति सरकार द्वारा घोषित ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ कम समय में लोकप्रिय हो गई। नतीजों के बाद यह योजना राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। महायुति ने चुनाव अभियान के दौरान इस योजना का खूब प्रचार किया। वहीं सरकार बनपे के बाद इसकी राशि 1500 रुपए से बढ़ाकर 2100 रुपये देने का वादा भी किया गया था।
हालांकि, नतीजों के बाद अब अपात्र महिलाओं के आवेदनों की जांच की जा रही है। बहरहाल, अब नतीजों के बाद लाडली बहनों के आवेदनों की जांच शुरू हो गई है। चर्चा है कि लाखों महिलाओं के आवेदन खारिज कर दिए जाएंगे। इस बीच महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने मीडिया से बातचीत में स्पष्टीकरण दिया है।
एक चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि एक बांग्लादेशी अप्रवासी महिला ने भी इस योजना का लाभ उठाया है। इसलिए, जो महिलाएं मानदंडों पर खरी नहीं उतरती हैं, उनके आवेदन को अस्वीकार किये जाने का खतरा रहता है।
लाडकी बहिन योजना के बारे में कई भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। चर्चा यह भी है कि 30 लाख आवेदन खारिज होने के कगार पर हैं। मंत्री अदिति तटकरे से इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि “मुझे नहीं पता कि यह संख्या कहां से आती है।
मंत्री तटकरे ने कहा कि “मैं अपनी सभी लाडली बहनों से अनुरोध करती हूं कि वे ऐसी किसी भी खबर और अफवाहों का शिकार न हों। इस योजना का लाभ देते हुए 2 करोड़ 41 लाख महिलाओं के खातों में इसकी राशि जमा की जा चुकी है।”
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने आगे कहा कि पहले दिन 1 करोड़ 7 लाख महिलाओं को लाभ दिया गया, जबकि 25 जनवरी को भी 1 करोड़ 25 लाख महिलाओं को लाभ दिया गया। लाभार्थियों को वितरण सामान्य रूप से जारी है। 9 अक्टूबर को 2 करोड़ 34 लाख महिलाओं को लाभ प्रदान किया गया।
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मंत्री अदिति तटकरे ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 2 करोड़ 41 लाख महिलाओं को लाभ वितरित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि “हमें किसी भी अफवाह और गलत सूचना का शिकार नहीं होना चाहिए।