बर्खास्त IAS अधिकारी पूजा खेडकर के पिता शेवगांव सीट से लड़ेंगे चुनाव, इस बार खाली रखा जीवनसाथी वाला कॉलम
दिलीप खेडकर ने विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है। इस बार अपने चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी पत्नी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, हालांकि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने ऐसा किया था।
पुणे : विवादित और बर्खास्त प्रोबेशनरी IAS अधिकारी पूजा खेडकर के पिता दिलीप खेडकर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मैदार में उतरे हैं। इससे पहले भी वे हाल में हुए लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं जिसमें वे असफल रहे थे। दिलीप खेडकर अहिल्यानगर जिले की शेवगांव सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। इस साल हुए लोकसभा चुनाव में दिलीप खेडकर ने अहमदनगर निर्वाचन क्षेत्र से वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली थी।
इस संबंध में उन्होंने मंगलवार को विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। मंगलवार को नामांकन प्रक्रिया दाखिल करने का अंतिम दिन था। आज तीन बजे तक ही नामांकन दाखिल होने थे। इस बार अपने चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी पत्नी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, हालांकि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने ऐसा किया था।
इस बार खाली रखा जीवनसाथी वाला कॉलम
इसमें उन्होंने अपनी पत्नी से जुड़ी जानकारी का उल्लेख किया था और ऐसे संकेत दिए थे कि वे अलग नहीं हुए हैं। हालांकि उनकी बेटी पूजा खेडकर ने उनके अलग होने का दावा किया था। इस चुनाव में अपने चुनावी हलफनामे में दिलीप खेडकर ने जीवनसाथी वाले कॉलम में अपनी पत्नी का विवरण नहीं दिया है। पूजा खेडकर पर आरोप है कि उन्होंने यह दावा कर UPSC में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) नॉन-क्रीमी लेयर आरक्षण का दुरुपयोग किया था कि उनके माता-पिता अलग हो गए हैं।
मनोरमा खेडकर पर धमकी देने का आरोप
पूर्व में सरकारी अधिकारी रह चुके दिलीप खेडकर और उनकी पत्नी मनोरमा खेडकर आपराधिक धमकी देने के मामले में आरोपी हैं। मनोरमा खेडकर पर आरोप है कि उन्होंने जून 2023 में एक भूमि विवाद में पुणे जिले में एक किसान पर कथित तौर पर बंदूक तानी थी। पुणे की एक सेशन कोर्ट ने आपराधिक धमकी मामले में दिलीप खेडकर को जुलाई में अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस मामले में एक आरटीआई कार्यकर्ता विजय कुंभार ने खेडकर के मैरिटल स्टेटस को लेकर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट भी किया है। पोस्ट में उन्होंने कहा, ” लोकसभा चुनावों के दौरान, दिलीप खेडकर और मनोरमा खेडकर विवाहित थे, लेकिन जब जाति-प्रमाण पत्र का मुद्दा सामने आया तो उन्होंने दोनों को अलग दिखाया और अब फिर से खेडकर ने दोनों को अलग दिखाया है।”
गौरतलब है कि पूजा खेडकर पर धोखाधड़ी करने और UPSC में अपना चयन सुनिश्चित करने के लिए ओबीसी और दिव्यांग कोटा का गलत तरीके से लाभ उठाने का आरोप लगा था। इस मामले के सामने आने के बाद खूब बवाल हुआ था। इसके बाद मामले में कार्रवाई करते हुए केंद्र सरकार ने 6 सितंबर, 2024 के आदेश के तहत उन्हें आईएएस (परिवीक्षा) नियम, 1954 के नियम 12 के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा से मुक्त कर दिया। इसके साथ ही संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 31 जुलाई को उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी थी और उन्हें भविष्य की परीक्षाओं से भी वंचित कर दिया था।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
Dismissed ias officer pooja khedkars father will contest elections from shevgaon seat