धुले के 4 सरकारी अस्पतालों का होगा कायाकल्प, 15.72 करोड़ से बनेंगे ‘स्मार्ट’, मिलेंगी प्राइवेट जैसी सुविधाएं
Dhule Health Facilities: धुले के नागरिकों के लिए खुशखबरी! विधायक अनुप अग्रवाल के प्रयासों से 4 महानगरपालिका अस्पतालों को ₹15.72 करोड़ की निधि मिली है, जिससे यहाँ अब हाई-टेक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
- Written By: आकाश मसने
मंत्री जयकुमार रावल व विधायक अनुप अग्रवाल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Dhule Government Hospital Upgrade: विधायक अनुप अग्रवाल के प्रयासों से अब धुले के नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। धुले महानगरपालिका के चार अस्पतालों के नए भवन और आधुनिक उपकरणों के लिए 15 करोड़ 72 लाख रुपये की निधि को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है।
इन 4 अस्पतालों की बदलेगी तकदीर
धुले के अलग-अलग कोनों में स्थित इन चार केंद्रों को ‘हाई-टेक’ बनाने के लिए चुना गया है। इनमें प्रभातनगर महानगरपालिका दवाखाना। साक्री रोड स्थित मोगलाई टीबी सेंटर, हुडको (चालीसगांव रोड) महानगरपालिका दवाखाना, मोहाड़ी उपनगर (प्रभाग 18) महानगरपालिका दवाखाना शामिल है।
क्या होगा खास?
इन अस्पतालों का निर्माण केवल ईंट-पत्थरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। दीवारों पर विशेष पीपीजीआई पैनल और फर्श पर एपॉक्सी फ्लोरिंग होगी, जिससे धूल और बैक्टीरिया जमा नहीं होंगे। कोनों को भी गोलाईदार बनाया जाएगा ताकि सफाई आसान हो। प्रसूति कक्षों में अत्याधुनिक हाइड्रोलिक डिलीवरी टेबल और नवजात शिशुओं के लिए आधुनिक वार्मर मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे शिशु मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी। सभी दवाखाने पूरी तरह वातानुकूलित होंगे, जिनमें हवा के शुद्धिकरण के लिए विशेष डक्टिंग प्रणाली होगी।
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प्रोजेक्ट का विवरणः एक नजर में
- कुल मंजूर राशिः 15 करोड़ 72 लाख रुपये
- प्रति अस्पताल खर्चः लगभग 3 करोड़ 93 लाख रुपये
- प्रमुख फोकस: आधुनिक प्रसूति कक्ष और संक्रमण मुक्त वार्ड
- सुविधाएं: आरओ प्लांट, मेडिकल गैस पाइपलाइन, एसी और हाइड्रोलिक टेबल,
- वित्त स्रोत: जिला नियोजन समिति (डीपीसी),
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विधायक का विजनः स्वास्थ्य सेवा प्राथमिकता
साथ ही, मरीजों के लिए 250 एलपीएच क्षमता का आरओ प्लांट भी लगाया जाएगा। हर अस्पताल में मेडिकल गैस पाइपलाइन के जरिए सीधे बेड तक ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था होगी। विधायक अनुप अग्रवाल ने कहा कि उनका लक्ष्य गरीबों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भरता से मुक्त करना है। उन्होंने इस निधि के लिए पालकमंत्री जयकुमार रावल का आभार व्यक्त किया और कहा कि इन सुविधाओं से मातृ और शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने में बड़ी सफलता मिलेगी।
