

National Wrestler Ashwini Mohite Paul: महाराष्ट्र की वाघिण (शेरनी) के नाम से विख्यात राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान अश्विनी मोहिते-पोल द्वारा अपने तीन मासूम बच्चों के साथ नलदुर्ग किले की ऐतिहासिक उपली बुर्ज से कूदकर खुदकुशी करने की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना धाराशिव जिले में सामने आई है।
इस भयावह घटना में अश्विनी और उनके दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्ची अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर लगातार मानसिक प्रताड़ना देने का संगीन आरोप लगाया है।
घटना की सूचना मिलते ही धाराशिव पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो जांच में मन झकझोर देने वाली बातें सामने आईं। अश्विनी पोल अपने तीनों बच्चों को लेकर नलदुर्ग किले पर पहुंची थीं। किले के अंदर केक ले जाने पर पाबंदी होने के कारण उन्होंने बाहर ही बच्चों के साथ केक काटा और दुकान से चॉकलेट खरीदी।
इसके बाद उपली बुर्ज पर ले जाकर उन्होंने पहले बच्चों को चॉकलेट खिलाई और फिर तीनों को एक-एक कर बुर्ज से नीचे फेंक दिया और खुद भी छलांग लगा दी। मृतक बच्चे के मुंह से पुलिस को चॉकलेट का टुकड़ा भी मिला है।
अश्विनी पूर्व में मुंबई शहर में 'महाराष्ट्र सुरक्षा बल' में सेवारत थीं। पति मनोहर पोल के कहने पर उन्होंने कुछ महीने पहले ही अपनी नौकरी से इस्तीफा दिया था और बीते तीन महीनों से वे अपने बच्चों के साथ मायके में रह रही थीं। अश्विनी के पिता का आरोप है कि ससुराल वालों की ओर से मिल रहे शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर ही उनकी बेटी ने यह भयानक कदम उठाया। पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति मनोहर पोल और ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
अश्विनी मोहिते-पोल का पूरा परिवार कुश्ती से जुड़ा हुआ है। उनके माता-पिता, भाई और पति सभी पहलवान हैं। पिता ने उनके लिए घर पर ही तालीम (प्रशिक्षण केंद्र) बनवाई थी। अश्विनी ने वर्ष 2007, 2008 और 2009 में राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीते थे। अपने शानदार खेल करियर में कुल 5 स्वर्ण और 6 रजत पदक जीतने वाली इस होनहार खिलाड़ी के ऐसे दुखद अंत से पूरे खेल जगत और महाराष्ट्र राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है।