Dharashiv में शिंदे का विपक्ष पर हमला, बोले- ‘बगावत सत्ता के लिए नहीं, शिवसेना बचाने के लिए थी’

Dharashiv में आयोजित कार्यक्रम में एकनाथ शिंदे ने 2022 की बगावत को सही ठहराते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मतभेद भूलकर संगठन मजबूत करने की अपील की।
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एकनाथ शिंदे की जनसभा (सौ. सोशल मीडिया एक्स )
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Eknath Shinde Dharashiv Speech: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने धाराशिव में आयोजित एक भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह में विपक्ष पर तीखा हमला बोला।

यह कार्यक्रम जिला परिषद और पंचायत समिति के पदाधिकारियों द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। अपने संबोधन में एकनाथ शिंदे ने 2022 में हुई राजनीतिक बगावत का जिक्र करते हुए कहा कि यह कदम सत्ता पाने के लिए नहीं, बल्कि शिवसेना के अस्तित्व को बचाने के लिए उठाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी को कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ा जा रहा था, जो मूल विचारधारा के खिलाफ था।

बालासाहेब के विचारों का हवाला

शिंदे ने कहा कि शिवसेना को उस स्थिति से बाहर निकालना उनकी जिम्मेदारी थी, ताकि बालासाहेब ठाकरे के विचारों को संरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करें।

संगठन को बताया परिवार

उन्होंने शिवसेना को एक परिवार बताते हुए कहा कि अगर कार्यकर्ताओं के बीच कोई मनमुटाव या छोटी-मोटी शिकायतें हैं, तो उन्हें तुरंत दूर कर लेना चाहिए। शिंदे ने कहा कि संगठन की ताकत उसकी एकजुटता में ही है।

समाज सेवा पर जोर

अपने भाषण में शिंदे ने ‘80 प्रतिशत समाज सेवा और 20 प्रतिशत राजनीति’ का मंत्र देते हुए कार्यकर्ताओं को जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म हो चुके हैं और अब जनता के सवालों का समाधान करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

Dharashiv में कार्यकर्ताओं में भरा जोश

शिंदे के इस संबोधन से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की मजबूती और जनता की सेवा ही उनकी राजनीति का मुख्य उद्देश्य है।

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