Dharashiv में अनोखी पहल, बच्चों की पढ़ाई के लिए शाम 7-9 बजे टीवी बंद
Dharashiv Zilla Parishad ने छात्रों की पढ़ाई सुधारने के लिए अनोखी पहल शुरू की है। शाम 7 से 9 बजे तक टीवी बंद रखने का अभियान मई से शुरू होगा, जिससे बच्चों में पढ़ाई की आदत विकसित हो सके।
- Written By: अपूर्वा नायक
धाराशिव नो टीवी पॉलिसी (सौ. Gemini AI)
Dharashiv No TV Time For Kids: धाराशिव में जिला परिषद ने स्कूली बच्चों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत शाम 7 से 9 बजे के बीच टीवी देखने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
यह योजना जिले के 700 से अधिक गांवों में लागू की जाएगी। खासतौर पर जिला परिषद स्कूलों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि उन्हें घर पर पढ़ाई का बेहतर माहौल मिल सके।
Dharashiv के बच्चों को सायरन से मिलेगा संकेत
जिप की योजना के अनुसार, हर गांव में शाम 7 बजे और 9 बजे सायरन बजाया जाएगा। यह सायरन टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद और चालू करने का संकेत देगा। इससे पूरे गांव में एक समान अध्ययन वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
Summer Drink Recipe: क्या आपने ट्राई की केरल की पॉपुलर कुलुक्की शरबत? नोट करें रेसिपी
Sleeping Posture For Health: रात में बाएं करवट सोएं या दाएं, कौन सी पोजिशन है स्वास्थ्य के लिए बेहतर? जानें
Pune Metro Uber QR Ticket : पुणे मेट्रो का सफर हुआ डिजिटल, अब उबर ऐप से बुक होंगे QR टिकट
महाराष्ट्र में मातृ-शिशु मृत्यु पर सरकार की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, हर मौत की होगी गहन जांच
मई से शुरू होगा अभियान
जिला परिषद की अध्यक्ष अर्चना पाटिल के अनुसार, इस पहल को मई के मध्य से शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि जून में स्कूल खुलने से पहले छात्र इस नई दिनचर्या के अभ्यस्त हो जाएं।
शिक्षक और आशा कार्यकर्ता निभाएंगे भूमिका
इस योजना को लागू करने और उसकी निगरानी के लिए जिला परिषद के कर्मचारी, शिक्षक और आशा कार्यकर्ताओं की टीम बनाई जाएगी। ये टीमें गांव-गांव जाकर इस अभियान को सफल बनाने में मदद करेंगी।
अनुशासन और पढ़ाई की आदत विकसित करने पर जोर
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में अनुशासन और नियमित पढ़ाई की आदत विकसित करना है। मोबाइल और टीवी जैसी चीजों से दूरी बनाकर छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
ये भी पढ़ें :- PM Modi के फर्जी साइन से 4 लाख की उगाही का प्रयास, मुंबई में 2 गिरफ्तार
शिक्षा क्षेत्र में नई पहल की उम्मीद
यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो यह अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
