वैश्विक युद्ध के बीच सुरक्षित है भारत की ऊर्जा सप्लाई, देवेंद्र फडणवीस ने पीएम मोदी के बयान का किया समर्थन

Oil and Gas Crisis: नागपुर में Devendra Fadnavis ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर पीएम मोदी के बयान का समर्थन किया। उन्होंने तेल और गैस की बचत करने और वैश्विक संकट को समझने की अपील की।
Rahul Gandhi is indulging in 'Mungerilal's pipe dreams'—Chief Minister Devendra Fadnavis delivers a sharp retort
देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: फइल फोटो)
Published on
Updated on

Devendra Fadnavis Statement: पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वैश्विक तेल और गैस संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। नागपुर में मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि दुनिया के बड़े देशों के बीच चल रहे इस संघर्ष का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति के कारण भारत अब तक इसके बड़े प्रभाव से सुरक्षित रहा है।

पड़ोसी देशों में हाहाकार, भारत में स्थिरता

देवेंद्र फडणवीस ने वैश्विक परिदृश्य की तुलना करते हुए कहा कि युद्ध के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की भारी कमी हो गई है। उन्होंने कहा, हमारे पड़ोसी देश इस समय ऊर्जा की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं और वहां कीमतें आसमान छू रही हैं। इसके बावजूद, प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित किया है कि भारत की आपूर्ति बड़े पैमाने पर प्रभावित न हो। हमें पर्याप्त मात्रा में तेल और गैस मिल रहा है।

संसाधनों के सही उपयोग की चेतावनी

प्रधानमंत्री मोदी के सिकंदराबाद में दिए गए भाषण का हवाला देते हुए फडणवीस ने देशवासियों को आगाह भी किया। उन्होंने कहा कि भले ही अभी आपूर्ति सामान्य है, लेकिन अगर हमने इस वैश्विक कठिनाई को नहीं समझा और संसाधनों का अपव्यय किया, तो भविष्य में हमें भी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।

फडणवीस ने जोर देकर कहा, यदि हम इस संकट की गंभीरता को नहीं समझेंगे और तेल व गैस का उचित उपयोग नहीं करेंगे, तो हमें भी कमी का सामना करना होगा। इसलिए, सभी देशवासियों को प्रधानमंत्री की अपील पर अमल करना चाहिए और ऊर्जा संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए।

कूटनीतिक जीत का दावा

फडणवीस का यह बयान प्रधानमंत्री मोदी की उस विदेश नीति की सराहना के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध और अब पश्चिम एशिया संकट के बावजूद अपनी ऊर्जा जरूरतों को किफायती दरों पर पूरा करना जारी रखा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com