वहीं विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। वार रूम में इससे पहले भी दो बैठकों का आयोजन किया गया था। इस दौरान 33 परियोजनाओं की समीक्षा की गई थी और समीक्षा के बाद लगभग 135 मुद्दों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए थे। पूर्व में लिए गए निर्णयों पर अमल की स्थिति की जानकारी सोमवार की बैठक में दी गई।
मेट्रो प्रोजेक्ट के पास विकसित हों आवासीय योजनाएं
बैठक में
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य के पास अत्याधुनिक तकनीक है। इसलिए परियोजनाएं कम समय में पूरी होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि मुंबई और राज्य के अन्य मेट्रो प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे करने में आ रही अड़चनों का शीघ्र समाधान किया जाए। मेट्रो के अंतिम स्टेशनों के पास आवासीय योजनाएं तैयार की जाएं ताकि वहां सुविधाजनक आवास मिल सके। इसके साथ ही मेट्रो और अन्य परियोजनाओं के लिए आवश्यक निधि की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
एकीकृत डैशबोर्ड और त्वरित अमल पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाओं की प्रगति केवल सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज होनी चाहिए। संबंधित जानकारी समय-समय पर अपडेट की जाए और जिन निर्णयों पर पिछली बैठकों में सहमति बनी है, उनका कार्यान्वयन अगली बैठक से पहले पूरा हो। अगर कोई समस्या आती है तो वॉर रूम को तुरंत सूचित किया जाए ताकि समाधान तुरंत निकाला जा सके। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को वॉर रूम के निर्णयों का गंभीरता से पालन करने का निर्देश भी दिया।
बीडीडी चाल निवासियों को जल्द मिलेंगी चाबियां
बैठक में बताया गया कि वर्ली की
बीडीडी चाल के रहवासियों को जल्द ही घरों की चाबियां सौंपी जाएंगी. वहीं, नायगांव और एन.एम. जोशी मार्ग की चालों के निवासियों को भी निर्धारित समय में नए घर मिलेंगे. बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रधान सचिव अश्विनी भिडे ने वॉर रूम परियोजनाओं पर प्रस्तुति दी.